हरियाणा में अपनी मांगों को लेकर पिछले 50 दिनों से हड़ताल पर चल रहे प्रदेश के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार के आश्वासन के बाद अपनी हड़ताल वापस ले ली। गुरुवार से सभी कर्मचारी काम पर लौट आएंगे। सरकार को मांगें पूरी करने के लिए फरवरी 2024 तक का समय दिया है। फरवरी में कर्मचारियों के राज्य कन्वेंशन में आगामी आंदोलन का निर्णय होगा।
बुधवार को चंडीगढ़ स्थित सचिवालय में हुई इस बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल मलिक, अतिरिक्त निदेशक सत्येंद्र दुहन, अभियंता आईटी वीनस नत्था लिया, गौरव, डीडीपीओ पंचकूला राजन सिंगला मौजूद रहे। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा की तरफ से यूनियन अध्यक्ष देवीराम, महासचिव विनोद कुमार, कोषाध्यक्ष संदीप सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बसाऊराम, उप महासचिव जोगिन्दर सिंह एवं सीटू महासचिव जयभगवान शामिल रहे। एसीएस से हुई वार्ता के बाद यूनियन ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की है। साथ ही दिए आश्वासन पर आंदोलन दो महीने के लिए स्थगित कर दिया है ।
इन मांगों पर बनी सहमति
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि शहर के ठेका कर्मियों के बराबर ग्रामीण सफाई कर्मचारी का वेतन करने, रिटायरमेंट लाभ दो लाख रुपये देने, सालाना महंगाई भत्ते के रूप में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी के बारे में प्रस्ताव तैयार करके मुख्यमंत्री के पास अनुमोदन को भेजा जाएगा। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को स्थाई करने के लिए सरकार को नीति बनाने के बारे में फाइल भेजी जाएगी।
कर्मचारियों की हाजिरी स्वयं ऑनलाइन लगाने के बारे में व्यवस्था जनवरी तक पूरी हो जाएगी। वेतन हर महीने की सात तारीख से पहले भेजने का ऑनलाइन सिस्टम भी जनवरी से लागू हो जाएगा। ग्रामीण सफाई कर्मचारी आंदोलन के दौरान का अपना बकाया काम पूरा करें, उनका वेतन जारी कर दिया जाएगा। आंदोलन के दौरान अगर किसी कर्मचारी पर कोई विभागीय कार्रवाई की गई है, वह वापस ली जाएगी।
दूसरे दिन भी धरने पर डटे रहे कर्मी
इससे पहले, पंचकूला में चल रहे महापड़ाव के दूसरे दिन भी कर्मचारी धरने पर डटे रहे। सीटू राज्य महासचिव जयभगवान, उपाध्यक्ष सुखबीर सिंह, यूनियन राज्य प्रधान देवीराम, महासचिव विनोद कुमार व सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व महासचिव सतीश सेठी आदि ने प्रमुख रूप से संबोधित किया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार के आश्वासन पर आंदोलन को खत्म नहीं स्थगित किया है, फरवरी तक इंतजार किया जाएगा और इसके बाद आगामी फैसला लिया जाएगा।