पंजाब में रोडवेज कर्मियों की हड़ताल।
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अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कच्चे मुलाजिमों की बुधवार को सरकार के साथ हुई बैठक बेनतीजा रही। कर्मियों ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्य सलाहकार सुरेश कुमार की पहले हड़ताल समाप्त करने की शर्त को मानने से मना कर दिया। इसके बाद कर्मियों ने हड़ताल जारी रखने और गुरुवार को दो घंटे सभी बस स्टैंड बंद रखने के साथ शुक्रवार को सिसवां फार्म हाउस घेरने की चेतावनी दी है।
वहीं पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) के प्रदेश भर में 2000 के करीब हड़ताली ठेका मुलाजिमों को कॉरपोरेशन मैनेजमेंट ने बुधवार को नोटिस जारी कर दिया। इस नोटिस के माध्यम से हड़ताली मुलाजिमों को गुरुवार से काम पर लौटने को कहा गया है। आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उनका ठेका रद्द करने की चेतावनी दी गई है।
पीआरटीसी के ठेका व आउटसोर्स मुलाजिम नियमित करने की मांग को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण अधिकतर बसें डिपो पर खड़ी हैं और सवारियों को परेशानी हो रही है। वहीं पीआरटीसी को अब तक इस हड़ताल के कारण करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है। मंगलवार और बुधवार को पीआरटीसी के बेड़े में शामिल कुल 1100 बसों में से मात्र 300 बसें ही रूटों पर चलीं। हड़ताली मुलाजिमों में वर्कशाप स्टाफ, एडवांस टिकट बुकर के अलावा ज्यादा गिनती में ड्राइवर व कंडक्टर शामिल हैं।
यूनियन के प्रधान रेशम सिंह गिल ने बताया कि बैठक में कर्मियों से कहा गया कि पंजाब सरकार जल्द ही कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने जा रही है, इसके लिए सरकार की ओर से एक एक्ट भी लाया जा रहा है। इसके बाद कर्मियों ने भी बैठक में कई दलीलें दी गईं, लेकिन सरकार ने उनकी एक भी नहीं सुनी। कर्मियों से कहा गया कि यदि वह हड़ताल को समाप्त कर देते हैं तो उसके बाद उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से करा दी जाएगी। इस पर कर्मचारी भड़क गए और उन्होंने हड़ताल जारी रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हड़ताल के अगले चरण में गुरुवार को राज्य के सभी बस स्टैंड दो घंटे के लिए बंद रखे जाएंगे। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के सिसवां फार्म हाउस का घेराव किया जाएगा।