ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की पिछले पांच-छह सालों के दौरान पंजाब में 400 से अधिक घटनाएं घटी हैं, जिनमें कानून एक भी दोषी को सजा नहीं दे सका। इस कारण ही सिखों की कानून के प्रति विश्वास की भावना को भारी ठेस पहुंची है।
उन्होंने घटना को कानून व्यवस्था की असफलता बताया और हर पहलू से जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की, जिससे दुनिया के सामने सिख कौम का सही पक्ष पेश किया जा सके। उन्होंने रविवार को यह बयान कुछ राजनीतिक दलों की ओर से इसे धार्मिक मुद्दा बनाए जाने के बाद दिया।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की प्राथमिक भूमिका में लिखा है कि, ‘कोई मानव हिंसक रास्ते पर तभी चलता है, जब कानून उसके मानवीय अधिकारों को सुरक्षित रखने में असफल होता है।’ उन्होंने कहा कि इस मामले की किसी निष्पक्ष एजेंसी से सभी पहलुओं की गहराई से जांच करवाई जानी चाहिए, जिससे सच्चाई संगत में लाई जा सके और साजिश और इसके पीछे काम करने वाली शक्तियों के मकसद को संगत के सामने लाया जा सके।