विशेष डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने इस विशिष्ट अभियान के लिए फतेहगढ़ साहिब पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान स्कूली बच्चों को नशीले पदार्थों के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक करने में मदद करेगा, जिससे उन्हें नशे का शिकार होने से रोका जा सकेगा। नशे के खिलाफ लड़ाई में स्कूली बच्चों को शिक्षित करने का विचार एसएसपी फतेहगढ़ साहिब डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल के दिमाग की उपज थी।
अब तीन जिलों के 104 गांवों में नशे के खिलाफ प्रस्ताव पास
राज्य के तीन जिलों के 104 गांव नशा मुक्ति को लेकर प्रस्ताव पास कर चुके हैं। मोहाली जिले के 14 गांवों ने नशीली दवाओं के विक्रेताओं का विरोध करने और सामाजिक बहिष्कार करने और अपने गांवों को नशा मुक्त बनाने का प्रस्ताव पारित किया। इससे पहले संगरूर जिले के 67 गांवों और 20 वार्डों ने इसी तरह के प्रस्ताव पास कर चुके हैं। श्री मुक्तसर साहिब जिले के गांव मिड्डा और मलोट के मोहल्ला छजघर समेत दो कुख्यात क्षेत्रों के निवासियों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली थी।