चंडीगढ़। शहर की आवासीय और गैर आवासीय इमारतों पर जिन लोगों ने अब तक सोलर पॉवर प्लांट नहीं लगाए हैं, प्रशासन अब उनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। सोमवार को हुई चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) की गवर्निंग बॉडी की बैठक में प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने नियमों को नहीं मानने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सलाहकार ने क्रेस्ट के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन लोगों ने अभी तक सोलर प्लांट नहीं लगाए हैं, उनकी एक लिस्ट डीसी ऑफिस को सौंपी जानी चाहिए ताकि इनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई शुरू की जा सके। उन्होंने लोगों को निर्देश दिए कि बिल्डिंग बाइलॉज के तहत जल्द ही सोलर प्लांट लगाने का काम पूरा किया जाना चाहिए।
500 गज या इससे अधिक प्लॉट एरिया वाले लोगों को लगवाना होगा सोलर पावर प्लांट
2016 में प्रशासन ने 500 गज या इससे अधिक प्लॉट एरिया वाले लोगों को अपने घरों में सोलर पावर प्लांट लगाना अनिवार्य कर दिया था। शहर में इस एरिया के करीब 10 हजार घर हैं। प्रशासन पिछले काफी समय से सोलर प्लांट लगाने की तारीख को बढ़ाता रहा है, लेकिन इस वर्ष 31 मार्च को इसकी समयसीमा समाप्त हो गई थी, जिसे आगे नहीं बढ़ाया गया। प्रशासन ने 15 अगस्त 2023 तक 75 एमडब्ल्यूपी सोलर पावर प्लान का लक्ष्य तय किया है। सलाहकार ने कहा कि इसके लिए वार्षिक योजना तैयार की जानी चाहिए।
नोटिस जारी करेगा प्रशासन
शहर में सोलर के प्रति लोगों की प्रतिक्रिया को देखते हुए मंत्रालय ने भी लक्ष्य को बढ़ा दिया है। इसके चलते ही प्रशासन को सोलर पैनल लगवाने को लेकर अधिक प्रयास करने पड़ रहे हैं। अब जो लोग प्रशासन के इन आदेशों का पालन नहीं करेंगे और जल्द से जल्द सोलर पैनल नहीं लगाएंगे, उन्हें प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। फिर अगली कार्रवाई की जाएगी।
सोलर प्लांट लगाने पर 40 प्रतिशत सबसिडी
एक किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने पर 60 हजार रुपये का खर्च आता है। इसमें भी सरकार की ओर से सबसिडी दी जा रही है। कोई अगर तीन किलोवाट का पैनल लगवाता है तो उस पर 1 लाख 80 हजार रुपये का खर्च आएगा और इसमें से 40 प्रतिशत (58 हजार रुपये) सबसिडी वापस मिल जाएगी।