हरियाणा में डेंगू ने पिछले आठ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। प्रदेश में अब तक डेंगू से 14 मरीजों की जान जा चुकी है, जबकि 2015 और पिछले साल मौत का आंकड़ा 13 का था। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र पंचकूला और हिसार हैं। यहां पर मौत भी सबसे अधिक दर्ज की गई हैं और नए मामले भी अधिक संख्या में हैं। स्वास्थ्य विभाग डेंगू का प्रकोप रोकने के लिए तमाम दावे कर रहा है लेकिन मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
इतना ही नहीं औससन रोजाना 100 के करीब नए केस भी सामने आ रहे हैं। अब तक प्रदेश में कुल 6250 मामले सामने आ चुके हैं। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, पंचकूला-हिसार में 5-5, यमुनानगर, सोनीपत और रोहतक में 1-1 मरीज की मौत हो चुकी है। वहीं, अधिक मामलों की बात करें तो सोमवार को सबसे अधिक हिसार में 50, पंचकूला में 22 और पानीपत में 10 नए केस मिले हैं।
कुल मरीजों में सबसे ऊपर पंचकूला 1809 और हिसार 1208 हैं। इनके अलावा, यमुनानगर में 539, गुरुग्राम 422, जींद 263, करनाल 208, चरखी दादरी 217, अंबाला 254, रेवाड़ी 222, पानीपत 189, सोनीपत 177, सिरसा 157, रोहतक 116, भिवानी 88, फतेहाबाद 87, झज्जर 81, कैथल 77, कुरूक्षेत्र 59, महेंद्रगढ़ 61, फरीदाबाद 7, पलवल 7, नूंह में 2 ही मामले सामने आ चुके हैं।
वहीं, पिछले वर्षों की बात करें तो वर्ष 2015 में डेंगू के कुल 9921 केस मिले थे, जबकि 13 मरीजों की मौत हुई थी। इसके बाद, 2020 तक डेंगू के मामले तो सामने आए लेकिन किसी मरीज की मौत दर्ज नहीं की गई। 2021 में केसों की संख्या अचानक से बढ़कर 11,835 पहुंच गई और 13 मरीजों की जान भी गई। इससे पहले, 2016 में 2994, 2017 में 4550, 2018 में 1936, 2019 में 1207 और वर्ष 2020 में 1377 केस आए थे।
जापानी बुखार की भी दस्तक
हरियाणा में जापानी बुखार के मामला भी दस्तक दे चुका है। अभी तक एक ही मामले में जापानी बुखार की पुष्टि हुई है। वहीं, मलेरिया के 48 केस मिल चुके हैं। इस समय प्रदेश में रोजाना 470 के करीब सैंपल लिए जा रहे हैं। इस समय कुल मरीजों में से 336 मरीज अभी भी सरकारी और निजी अस्पतालों में दाखिल हैं। इनके अलावा, 1742 मरीज सरकारी अस्पतालों से और 1075 मरीज निजी अस्पतालों से ठीक होकर जा चुके हैं।