नवगठित 16वीं पंजाब विधानसभा का छह दिवसीय सत्र 17 मार्च से शुरू होगा। 22 मार्च तक चलने वाले इस सत्र के दौरान 18 मार्च को होली, 19 व 20 मार्च को साप्ताहिक अवकाश के चलते सदन की केवल तीन सीटिंग ही होंगी। विधानसभा और संसदीय मामलों के विभाग द्वारा जारी सत्र की रूपरेखा के अनुसार, 17 मार्च को सुबह 11 बजे सत्र शुरू होगा और इस दिन सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। बुधवार को राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने राजभवन में डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर को पंजाब विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ दिलाई है।
21 मार्च को सुबह 11 बजे सत्र आगे शुरू होगा और विधायक स्पीकर का चुनाव करेंगे और 12 बजे राज्यपाल का अभिभाषण होगा। 22 मार्च की बैठक में दिवंगत शख्सियतों को श्रद्धांजलि दी जाएगी और उसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में चर्चा शुरू होगी। इसके बाद सरकार की तरफ से वर्ष 2021-22 के लिए पूरक अनुमान पेश किए जाएंगे और साथ ही वोट-ऑन-अकाउंट (लेखानुदान) भी पेश किया जाएगा।
इंदरबीर निज्जर बने पंजाब विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर
पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने बुधवार को राजभवन में डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर को पंजाब विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ दिलाई। इंदरबीर सिंह निज्जर पंजाब की अमृतसर दक्षिण सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक हैं। 17 मार्च से पंजाब विधानसभा के शुरू हो रहे सत्र की कार्यवाही चलाने के लिए यह नियुक्ति की गई है।
डॉ. निज्जर के शपथ ग्रहण के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत मान भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि डॉ. निज्जर चीफ खालसा दीवान के मौजूदा अध्यक्ष हैं और आम आदमी पार्टी के नेता हैं। बुधवार शाम तकरीबन साढ़े पांच बजे राजभवन में शपथ लेने के बाद डॉ. निज्जर पंजाब विधानसभा पहुंचे और विधानसभा सचिवालय स्टाफ के साथ औपचारिक मुलाकात के बाद पदभार संभाल लिया।
डॉ. निज्जर ने इस मौके पर कहा कि उन्हें पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। यह उनके ख्याल में भी नहीं था कि पार्टी नेतृत्व उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपेगा, लेकिन पार्टी ने जो भी भूमिका सौंपी है, उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। डॉ. निज्जर ने कहा कि ऐसा आम आदमी पार्टी में ही हो सकता है, क्योंकि वह तो पहले कभी लोकतंत्र के इस पवित्र स्थल में विजिटर के तौर पर भी नहीं आए थे लेकिन आम आदमी पार्टी की बदौलत उन्हें इसका सदस्य बनने का मौका भी मिला है और अब प्रोटेम स्पीकर की जिम्मेदारी निभाने का भी।
उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि विधानसभा सचिवालय स्टाफ की सहायता से सदन की कार्यवाही को सुचारु ढंग से चलाया जाए। नए विधायकों को शपथ दिलाने के लिए 17 मार्च को सत्र बुला लिया गया है और पहले दिन की कार्यवाही के दौरान ही सभी विधायकों को शपथ दिलाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।