सिटको के पेट्रोप पंप, सुखना लेक पर बोटिंग आदि ही लाभ में हैं, जिनसे सिटको का खर्च चल रहा है। जुलाई के महीने में सेक्टर-10 स्थित माउंट व्यू होटल ने भी करीब 1 करोड़ 80 लाख का व्यापार किया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सिटको का घाटा कोरोना की वजह से भी बढ़ा है, क्योंकि कोरोना ने होटल, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र पर काफी बुरा असर डाला है।
होटल चलाने वाले पेट्रोल पंप पर दे रहे ड्यूटी
सिटको में एक बड़ी समस्या है कि जिस व्यक्ति ने जिस काम के लिए ट्रेनिंग ली है या अनुभव प्राप्त किया है, उससे वह काम छोड़ अन्य काम कराए जा रहे हैं। उदाहरण के लिए सीनियर फूड व बेवरेजेज (एफ एंड बी) मैनेजर, जो होटल में अपनी बेहतर सेवा दे सकता है, उसे पेट्रोल पंप पर लगाया गया है, जबकि शिवालिक होटल में एक भी एफ एंड बी मैनेजर नही है। जो पेट्रोल पंप के मैनेजर स्तर के अनुभवी कर्मचारी हैं, उनकी ड्यूटी ऐसी जगह लगाई गई है, जहां कोई काम ही नहीं है। इसके अलावा विभाग के अहम पदों पर नियमित कर्मी नहीं हैं। ठेके पर काम करने वाले कर्मी ही बड़े फैसले लेते हैं। कई बार पैसों को लेकर हुए हेरफेर की शिकायतें भी आ चुकी हैं।
होटल चलाने का व्यवसाय लेकिन बेहतर मार्केटिंग की कमी
सिटको तीन से पांच सितारा होटल, कई रेस्टोरेंट व ढाबे चलाता है, लेकिन मार्केटिंग की काफी कमी है। निजी होटल ग्राहकों को लुभाने के लिए आए दिन नए-नए ऑफर देते हैं और फिर सोशल मीडिया व वेबसाइट आदि के जरिए उसे लोगों तक पहुंचाया जाता है, लेकिन सिटको में ऐसा कम ही किया जाता है।
यही कारण है कि वर्तमान में भी शहर के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में 55 फीसदी कमरे फुल हैं और बीते महीने सिटको के सबसे महंगे होटल माउंट व्यू से दोगुना राजस्व कमाया है। कोरोना से पहले जेडब्ल्यू 85 फीसदी कमरे आमतौर पर बुक रहते थे। इसके अलावा किसी भी विभाग के लिए अकाउंट्स विभाग रीढ़ की हड्डी होती है, लेकिन सिटको में अकाउंट्स विभाग में भी कर्मियों की काफी ज्यादा कमी है।
लॉकडाउन में सिटको को अपने कर्मचारियों को वेतन देने केलिए फिक्स डिपाजिट गिरवी रख बैंक से ऋण लेना पड़ा था। पहले से घाटे में चल रहे सिटको को लॉकडाउन ने बड़ा झटका दिया। मई 2020 में प्रशासन से सहायता न मिलने पर सिटको ने 9 करोड़ रुपये की एफडी को बैंक में गिरवी रखा। बैंक ने 5 करोड़ रुपये सिटको को गिरवी एफडी की एवज में जारी किए। इस राशि से सिटको ने कर्मचारियों के वेतनमानों का भुगतान किया।
जानकारी मिली है कि सिटको घाटे से जूझ रहा है। इसके पीछे कई कारण हैं। कोरोना से असर तो पड़ा ही है। कुछ की जानकारी मुझे भी है। आने वाले दिनों में जल्द ही एक बैठक बुलाएंगे और समीक्षा की जाएगी। - धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक।