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कैबिनेट का फैसला: हरियाणा में सिंगल पुरुष सरकारी कर्मचारी भी ले सकेंगे बाल देखभाल छुट्टी, संशोधन को मंत्रिमंडल की मंजूरी

Mon, 27 Jun 2022 09:18 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

दिव्यांग बच्चों के मामले में सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी की तरफ से जारी प्रमाण पत्र के अनुसार 40 प्रतिशत से अधिक अशक्तता और दिव्यांग बच्चा के पूरी तरह से महिला या एकल पुरुष सरकारी कर्मचारी पर निर्भर होने की स्थिति में ही लाभ मिलेगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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हरियाणा में अब एकल (सिंगल) पुरुष सरकारी कर्मचारी भी दो साल की बाल देखभाल छुट्टी का पात्र होगा। दिव्यांग बच्चों की देखभाल के मामले में आयु की कोई सीमा नहीं होगी। हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में सोमवार को हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2016 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई। यह नियम हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) प्रथम संशोधन नियम, 2022 कहे जाएंगे।

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संशोधन के अनुसार एकल पुरुष सरकारी कर्मचारी (विधुर या तलाकशुदा) और महिला सरकारी कर्मचारी 18 वर्ष की आयु तक के अपने दो बड़े बच्चों की देखभाल लिए अपनी पूरी सेवा के दौरान अधिकतम दो साल (यानी 730 दिन) के लिए चाइल्ड केयर लीव का लाभ उठा सकते हैं। दिव्यांग बच्चों के मामले में सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी की तरफ से जारी प्रमाण पत्र के अनुसार 40 प्रतिशत से अधिक अशक्तता और दिव्यांग बच्चा के पूरी तरह से महिला या एकल पुरुष सरकारी कर्मचारी पर निर्भर होने की स्थिति में ही लाभ मिलेगा।

असुरक्षित कालोनियों को तोड़ने से पीछे नहीं हटेंगे: मनोहर लाल
सीएम मनोहर लाल ने प्रेस वार्ता में कहा कि लोगों के लिए असुरक्षित कालोनियों को तोड़ने से पीछे नहीं हटेंगे। वैध की जाने वाली कालोनियों में सड़क, पार्क, मार्केट, सामुदायिक केंद्र, सीवरेज सुविधाएं इत्यादि मुहैया कराएंगे। लोगों के रहन-सहन को अच्छा बनाया जाएगा। लोगों ने कॉलोनाइजर के चंगुल में फंसकर प्लॉट लेने के बाद घर बना लिए हैं, जहां काफी हद तक निर्माण सही है, उसे ढहाया नहीं जा सकता।
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 हजारों ऐसी कॉलोनी हैं, जिन्हें तोड़ना मुमकिन नहीं है। इन कॉलोनियों में नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरियाणा ग्रामीण विकास प्राधिकरण नोडल एजेंसी होगा। नीति की अधिसूचना से छह महीने की अवधि के भीतर अनाधिकृत कॉलोनियों के डेवलपर्स, आरडब्ल्यूए से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। जिनकी जांच डीसी की अध्यक्षता वाली स्थानीय समिति करेगी। 

बिल्ड अप एरिया के लिए पांच प्रतिशत और खुले क्षेत्रों के लिए 10 प्रतिशत की दर से विकास शुल्क लेकर कालोनियों को नियमित कर नागरिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। जहां कॉलोनी 50 प्रतिशत से कम विकसित हैं, उनमें सामुदायिक स्थल, पार्क, खुली जगहों और सार्वजनिक उपयोगिता का प्रावधान डेवलपर्स करेंगे। 

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