सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य भवन में लगे सोने की सफाई का काम वीरवार सुबह खालसाई जयकारों के बीच शुरू हो गया। मुख्य भवन के सबसे ऊंचे गुंबद से सोने की सफाई की सेवा शुरू की गई। सोने की सफाई रीठा के पानी के साथ की जा रही है। श्री हरमंदिर साहिब के प्रबंधक जसविंदर सिंह दीनपुर ने बताया कि सफाई कार्य दस दिन तक चलेगा।
श्री गुरुनानक निष्काम सेवक जत्थे के मुखिया भाई मोहिंदर सिंह बर्मिंघम वालों द्वारा वर्ष 2003 में यह सेवा शुरू की गई थी। सचखंड के मुख्य भवन में सुशोभित लगभग 800 किलोग्राम सोने की आभा स्थापित रहे, इसको देखते हुए भाई मोहिंदर सिंह ने इंग्लैंड से 25 सदस्यों के एक जत्थे को सोने की सफाई के लिए भेजा था। तब से प्रति वर्ष इसी जत्थे के सदस्य मुख्य भवन के सोने की सफाई करते हैं।
शेरे-ए-पंजाब महाराजा रंजीत सिंह ने अपने शासन काल के दौरान सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य भवन में सोने की कार सेवा करवाई थी। महाराजा रंजीत द्वारा मुख्य भवन में लगाए गए सोने की आभा 160 वर्ष तक रही। बाद में इसकी चमक फीकी पड़ने लगी थी।
1995 में भाई मोहिंदर सिंह ने एसजीपीसी के तत्कालीन अध्यक्ष जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा के सामने श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य भवन के सोने की नई कार सेवा करने का प्रस्ताव रखा था। मंजूरी के बाद महाराजा रंजीत सिंह द्वारा सुशोभित किया सोना उतार कर नया सोना लगाया गया था।