गृह विभाग के विशेष सचिव मनीराम शर्मा खुद यूपीएससी से पैनल लेकर चंडीगढ़ पहुंचे। प्रक्रिया के तहत सूबे के गृह विभाग से नए डीजीपी का पैनल भेजा गया। बुधवार को दो घंटे तक मंथन के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल की हरी झंडी मिलते ही गृह विभाग की ओर से आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया।
मिश्रा का नाम भी चला, एक दिन बाद जारी हुआ पत्र
तीन अधिकारियों के पैनल में डॉ. आरसी मिश्रा का नाम भी डीजीपी की दौड़ में चला। मिश्रा आरएसएस की पसंद बताए जा रहे थे। हालांकि, अंतिम मुहर कपूर के नाम पर लगी। इसी कशमकश के बीच डीजीपी की नियुक्ति 15 अगस्त को नहीं हो सकी जबकि पीके अग्रवाल 15 अगस्त को सेवानिवृत्त हो चुके थे।
हर जगह साबित की अपनी काबिलियत
मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक डिग्री धारक शत्रुजीत कपूर हरियाणा के कई जिलों में बतौर एसपी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा, वह बिजली निगमों के सीएमडी रहे हैं और वर्तमान में एंटी करप्शन ब्यूरो के महानिदेशक रहे हैं। उनकी अगुवाई में पहली बार हरियाणा के बिजली निगम मुनाफे में पहुंचे हैं और एसीबी ने भी ताबड़तोड़ कार्रवाई कर एचसीएस से लेकर आईएएस अधिकारियों पर शिकंजा कसा है। सख्त और ईमानदार छवि के धनी आईपीएस कपूर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर पहनाने जाते हैं।
जींद से पुराना नाता
मूलरूप से पंजाब निवासी शत्रुजीत कपूर का हरियाणा के जींद से पुराना नाता है। दरअसल, 1990 में जब वह यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे तो उनके भाई जींद में अधिकारी थे। वह जींद रहकर अपनी तैयारी कर रहे थे। जब यूपीएससी का फार्म भरा तो फार्म में रिहायसी पता भी जींद का ही भर दिया गया। दस्तावेजों में स्थाई पता जींद का आने के चलते वह जींद जिले में सेवाएं नहीं दे सके।