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बेटे की शादी की तैयारियों में जुटी थी मां, ऐसे आई इकलौते बेटे की शहादत की खबर

Fri, 15 Feb 2019 07:20 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नूरपुरबेदी (रोपड़)
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शहीद कुलविंदर सिंह
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पुलवामा आतंकी हमले में श्री आनदंपुर साहिब के ब्लाक नूरपुरबेदी के गांव रौली के कुलविंदर सिंह भी शहीद हो गए। कुलविंदर के शहीद होने की खबर का पता चलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। कुलविंदर अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और 10 दिन की छुट्टी के बाद 11 फरवरी को ही ड्यूटी पर लौटे थे। शहादत की सूचना मिलने के बाद से गांव के किसी भी घर में चूल्हा तक नहीं जला। 

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शहीद की माता अमरजीत कौर और पिता दर्शन सिंह अपने इकलौते बेटे को खो देने के दर्द से बेहाल थे। कुलविंदर सिंह 2014 में फौज में भर्ती हुए थे। छह फुट के कुलविंदर सिंह क्रिकेट के अच्छे खिलाड़ी थे। सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल नूरपुरबेदी से बारहवीं करने के बाद कुलविंदर सिंह ने नंगल में आईटीआई की। 21 साल की उम्र में वे सीआरपीएफ की 92वीं बटालियन में भर्ती हो गए। 

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शहीद कुलविंदर सिंह
शहीद के चाचा अवतार सिंह ने बताया कि गुरुवार रात 11 बजे उन्हें सूचना मिली थी। जिसे सुन वह कुछ देर के लिए होश में नहीं रहे। काफी देर तक खुद को संभालने के बाद उन्होंने यह समाचार शहीद के माता-पिता को दिया। कुलविंदर सिंह की पिता दर्शन सिंह से 12 फरवरी को आखिरी बार बात हुई थी। पिता ने बताया कि 14 फरवरी की शाम को जारी हुई शहीदों की सूची के बाद उन्हें पता चला कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हो गया। उन्होंने कहा कि उन्हें बेटे की शहादत पर गर्व है।  

जानकारी के अनुसार 24 दिसंबर 1992 को जन्मे कुलविंदर सिंह की मंगनी हो चुकी थी। आठ नवंबर को शादी होनी थी। माता पिता अपने इकलौते बेटे के विवाह की तैयारियों में जुटे थे लेकिन बेटे के शहीद होने की सूचना मिली। गांव के सरपंच गुरविंदर सिंह और पूर्व सरपंच निर्मल सिंह रौली ने कहा कि इस खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शहीद की मौत की खबर के बाद गांव के एक भी घर में चूल्हा नहीं जला। 

प्रशासन की ओर से एसडीएम हरबंस सिंह और डीएसपी रमिंदर सिंह काहलों परिवार के साथ दुख साझा करने के लिए पहुंचे। एसडीएम हरबंस सिंह ने कहा कि शहीद का पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंच चुका है और जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें श्रद्धांजलि भेंट की। इसके बाद पर्थिव शरीर को उनके गांवों तक पहुंचाया जाएगा। प्रशासन की ओर से पुलिस जवानों तथा अन्य अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। शहीद का सरकारी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहीद कुलविंदर सिंह का अंतिम संस्कार 16 फरवरी को गांव रौली के शमशानघाट में किया जाएगा। 
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