उन्होंने कहा कि वर्तमान समय का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बंदी सिंहों की रिहाई है, जिसे लेकर शिरोमणि कमेटी गंभीर है। इस संबंध में वरिष्ठ वकीलों की पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जो पूरे मामले को कानूनी पक्ष से आगे ले जाने का काम करेगी। इसके साथ ही जल्द ही सिख विद्वानों और वरिष्ठ वकीलों की बैठक भी बुलाई जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सिख विद्वानों और वकीलों की बैठक में अलग हरियाणा गुरुद्वारा कमेटी पर भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मामले में शिरोमणि कमेटी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में शिरोमणि कमेटी के हरियाणा राज्य के सदस्य की ओर से पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है।
हरभजन सिंह मसाना की पुनर्विचार याचिका भी आज दायर की जाएगी। उन्होंने कहा कि साका श्री पंजा साहिब का शताब्दी समारोह 27 अक्तूबर को गुरुद्वारा श्री मांजी साहिब दीवान हॉल में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पंथक सभा के दौरान बंदी सिंहों की रिहाई और हरियाणा कमेटी के मुद्दे पर भी चर्चा की जाएगी। इस सभा में अधिक से अधिक संगठन और पंथक प्रतिनिधि भाग लेंगे और इन दोनों मुद्दों पर आगे के कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी।