एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल फोटो)
देश की अलग-अलग जेलों में पिछले लंबे समय से नजरबंद सिंहों की रिहाई के लिए संयुक्त पंथक प्रयासों के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने सोमवार को कमेटी का गठन कर दिया है। इस नौ सदस्यीय कमेटी में अलग-अलग पंथक सदस्यों को शामिल किया गया है। श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के बाद 11 मई को एसजीपीसी ने ऐतिहासिक तेजा सिंह समुंदरी हाल में पंथक लोगों को बुलाया था, जिसमें सर्वसम्मति से संयुक्त कमेटी का गठन करने का अधिकार एसजीपीसी के प्रधान धामी को दिया गया।
इसके तहत ही एडवोकेट धामी ने सोमवार को इस संयुक्त कमेटी का गठन किया। इसमें शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के प्रधान सिमरनजीत सिंह मान, संत समाज की ओर से दमदमी टकसाल के मुखी बाबा हरनाम सिंह खालसा, निहंग सिंह जत्थेबंदियों की ओर से बाबा निहाल सिंह, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरमीत सिंह कालका, दिल्ली कमेटी के पूर्व प्रधान मनजीत सिंह जीके, शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) के प्रधान परमजीत सिंह सरना और सिख प्रचारक बाबा बलजीत सिंह दादूवाल को शामिल किया गया है।
इस दौरान एसजीपीसी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि बंदी सिंहों की रिहाई के लिए नौ सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जो बंदी सिंहों की रिहाई के लिए प्रयत्नशील संस्थाओं और शख्सियतों के सहयोग के साथ काम करेगी। इस दौरान सिख जत्थेबंदियों से मिले सुझावों का सम्मान किया जाएगा और जरूरत के मुताबिक कमेटी का विस्तार भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कमेटी की पहली बैठक 19 मई को अमृतसर में बुलाई गई है, जो शिरोमणि कमेटी के कार्यालय के मीटिंग हाल में दोपहर 12 बजे होगी।