जत्थेदार ने सभी सिख संगठनों को आदेश दिए कि वह इस पावन दिवस पर संगत के बीच बैठेंगे। सभी संगठन अपनी गुटबाजी और राजनीति छोड़कर गुरु चरणों में बैठेंगे। जत्थेदार श्री अकाल तख्त ने कहा कि गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में सजने वाली स्टेज में केवल श्री गुरुनानक देव जी की बाणी, इतिहास, विचारधारा और फलसफे पर भी विचार सांझे किए जाएंगे।
इस स्टेज पर किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह कितने भी बड़े पद पर क्यों न हो, राजनीति करने की आज्ञा नहीं दी जाएगी। स्टेज पर किसी राजनीतिक पार्टी या व्यक्ति विशेष का नाम नहीं गूंजेगा। केवल श्री गुरु नानक देव जी के उपदेशों की ही बात होगी। पंडाल से किसी राजनीतिक व्यक्ति के जै कारे लगाने की आज्ञा नहीं होगी। जत्थेदार ने एसजीपीसी अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल को निर्देश दिए कि वह मंच का संचालन गुरमत के अनुसार करवाएं।
जत्थेदार ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति वेकैंया नायडू सहित सभी प्रदेशों के सीएम और अन्य गण्यमान्यों को 12 नवंबर के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता भी दिया। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त द्वारा जारी इस आदेश को एसजीपीसी और पंजाब सरकार मानने को पाबंद होगी।