चंडीगढ़। पति नॉनवेज खाता था, पत्नी ब्राह्मण परिवार से होने के चलते शुद्ध शाकाहारी थी। एक दिन पति ने केएफसी से अपने लिए चिकन बाल्टी और पत्नी के लिए शाकाहारी बर्गर ऑर्डर किया। थोड़े समय के भीतर ऑर्डर घर पर आ गया। दंपती अपने-अपने हिस्से का ऑर्डर खाने लगे। पत्नी ने जैसे ही पहले ही बाइट ली तो पता चला बर्गर में मांस भरा हुआ है। इस मामले पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने केएफसी को सेवा में कोताही बरतने का आरोपी करार देते हुए शिकायतकर्ता को 12 हजार रुपये देने के निर्देश दिए हैं।
क्या था मामला
सेक्टर-23 निवासी अनिरुद्ध गुप्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में बताया कि वह केएफसी के रेगुलर ग्राहक है। आए दिन वह केएफसी से ऑर्डर कर खाने की सामग्री मंगवाते हैं। वह नॉनवेज खाता है, वहीं उसकी पत्नी ब्राह्मण परिवार होने के चलते शुद्ध शाकाहारी है। शिकायतकर्ता ने मई 2023 को केएफसी के ऑनलाइन एप के माध्यम से अपने लिए चिकन बाल्टी और अपनी पत्नी के लिए एक क्लासिक वेज क्रिस्पी बर्गर ऑर्डर किया था, जिसके लिए करीब 700 रुपये का ऑनलाइन के माध्यम से भुगतान किया गया।
जब शिकायतकर्ता की पत्नी ने पहली बार खाया तो उसे कुछ अपरिचित और नियमित स्वाद का अनुभव नहीं हुआ। उसने तुरंत शिकायतकर्ता को बुलाया और उसे बर्गर दिखाया। शिकायतकर्ता यह देखकर हैरान रह गया कि उक्त बर्गर शाकाहारी नहीं था और उसमें चिकन भरा हुआ था। चूंकि शिकायतकर्ता की पत्नी शुद्ध शाकाहारी है और जब उसे पता चला कि उक्त बर्गर मांसाहारी है तो उसे उल्टी होने लगी। नॉनवेज खाने के चलते महिला की मानसिक रूप से दुविधा में और उसकी भावना प्रभावित हुई है। इसकी शिकायत के केएफसी को दी गई, लेकिन कंपनी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग केएफसी को शिकायतकर्ता को मानसिक उत्पीड़न के लिए सात हजार व केस में खर्च के रूप में पांच हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।