पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय की फाइल फोटो।
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छह साल पहले जनवरी में पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले से पंजाब पुलिस ने सबक लिया है। इस बार नए साल के उपलक्ष्य में चल रहे समागमों के बीच पुलिस व सेना से जुड़ी सभी इमारतों की सुरक्षा को लेकर पुख्ता कदम उठाए गए हैं। सभी इमारतों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पीसीआर पार्टियों को 24 घंटे गश्त करने की हिदायत दी गई है।
इसके अलावा लोगों को कहा गया है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या चीज को देखें तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। राज्य के 23 जिलों में 400 थानों के अलावा करीब 170 इमारतें हैं, जो सेना और पुलिस से जुड़ी हैं। इनकी सुरक्षा तुरंत प्रभाव से बढ़ा दी गई है।
पुलिस से जुड़ी सभी इमारतों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। इसके अलावा कुछ जगह बची खामियों को सुधारा जा रहा है। इस संबंधी पुलिस मुख्यालय से पहले ही फंड जारी किया जा चुका है। इसके साथ ही दो हजार से अधिक मुलाजिम केवल इमारतों की सुरक्षा में तैनात किए गए हैं।
सीमावर्ती एरिया में बीएसएफ और पंजाब पुलिस की तरफ मिलकर नाके लगाकर चेकिंग की जा रही है। सभी शहरों में भी नाके लगाए जा रहे हैं। सभी जिलों के उच्च अधिकारियों को भी रात के समय में सुरक्षा प्रबंधों को जांचने का आदेश दिया गया है। आईजी हेडक्वार्टर सुखचैन सिंह गिल ने सरकारी इमारतों की सुरक्षा बढ़ाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी तरह से चौकस है।
सभी सुरक्षाकर्मियों को दी फायर की ट्रेनिंग
पंजाब में जिन भी लोगों को पुलिस की तरफ से सुरक्षा मुहैया करवाई गई उनकी सुरक्षा में किसी प्रकार की कोई चूक न रह जाए, इस पर भी पुलिस काम कर रही है। एक तो पहले ही तय किया जा चुका है कि 2010 के बाद भर्ती मुलाजिम वीआईपी की सुरक्षा में तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही सभी जिलों में सुरक्षा कर्मियों को 100 फीसदी फायर ट्रेनिंग करवाई जा रही है। इसके साथ ही दंगों से निपटने की ट्रेनिंग दी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इससे लोगों को फायदा होगा।