फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा: नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए आज से खुलेंगे स्कूल, अलग-अलग समय आएंगे बच्चे

Fri, 16 Jul 2021 01:12 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा में लंबे समय के बाद शुक्रवार से नौवीं और 12वीं के छात्रों के लिए स्कूल खुल जाएंगे। छात्रों की संख्या के हिसाब से रोस्टर बनाया गया है। सरकार ने स्कूलों में साफ-सफाई के लिए 13 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया है। स्कूल में विद्यार्थी अपने नाम लिखे डेस्क पर ही बैठेंगे। 
विज्ञापन
हरियाणा में आज से खुलेंगे स्कूल। - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा में शुक्रवार से नौवीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खुलने जा रहे हैं। हर स्कूल में बच्चे अलग-अलग समय पर पठन-पाठन के लिए आएंगे। स्कूल मुखिया ने छात्र संख्या के हिसाब से स्कूल खुलने और बंद होने का रोस्टर बनाया है। स्टाफ भी बच्चों के हिसाब से ही अलग-अलग समय पर आएगा। 

विज्ञापन


स्कूलों में सैनिटाइजेशन व अन्य कार्यों के लिए 13 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश स्तर पर केंद्रीयकृत समय सारिणी व रोस्टर नहीं बनाया है। स्कूल मुखिया और प्रबंधन समितियों को इसका जिम्मा दिया गया था। गुरुवार को स्कूल मुखिया ने समय सारिणी व रोस्टर को अंतिम रूप देते हुए शिक्षकों व बच्चों को नौ से बारह बजे के बीच स्कूल आने का समय बता दिया है। 

विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने गुरुवार को स्कूल खोलने की तैयारियों की समीक्षा की। जिसमें उन्हें बताया गया कि 13 करोड़ रुपये का अनुदान सैनिटाइजेशन, साबुन, टॉयलेट क्लीनर, थर्मल स्कैनर के लिए स्कूलों को जारी कर दिया गया है। नौवीं से बारहवीं के स्कूलों का सैनिटाइजेशन हो चुका है, जबकि छठी से आठवीं के स्कूलों को संक्रमण मुक्त करने का कार्य जारी है। स्कूल स्तरीय कमेटियों को निगरानी कार्य के लिए तैनात किया गया है। खंडवार निगरानी समितियां भी बनाई गई हैं। बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता रहेगी।
विज्ञापन


अपने नाम लिखे डेस्क पर बैठेंगे बच्चे
अतिरिक्त मुख्य सचिव को बताया गया कि बच्चे अपना नाम लिखे डेस्क पर बैठेंगे। तीन-चार दिनों तक बच्चों के स्कूल आने के ट्रेंड को देखा जाएगा। उसके बाद नई व्यवस्था शुरू की जाएगी। बच्चों के आवागमन के लिए अलग-अलग द्वार बनाए गए हैं। कोई बच्चा एक-दूसरे के नजदीक नहीं आएगा, न ही आपस में सामान का आदान-प्रदान करेंगे। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें