पंजाब सरकार ने 19 अक्तूबर से 9वीं से लेकर 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए कंटेनमेंट जोन से बाहर स्कूल खोलने का फैसला किया है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। एसओपी लागू कराने के लिए विशेष टीमों का भी गठन किया जाएगा। शिक्षामंत्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि स्कूलों को फिर खोला जा रहा है लेकिन ऑनलाइन शिक्षा ही अध्यापन की प्राथमिक विधि रहेगी। सभी विद्यार्थियों की स्कूल में हाजिरी लाजिमी नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाएं लगाना चाहे, वे लगा सकते हैं। विद्यार्थी अपने मां-बाप की लिखित सहमति के बाद ही स्कूल जा सकेंगे। मास्क पहनना जरूरी होगा और इसकी अदला-बदली नहीं की जाएगी। सिंगला ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को सार्वजनिक स्थानों पर कम से कम बातचीत के साथ-साथ पूरी बाजू वाले कपड़े पहनने के लिए भी प्रोत्साहित करें।
तीन घंटे खुलेंगे स्कूल
दिन में स्कूल तीन घंटे के लिए खुलेंगे। यदि स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा है तो उस मामले में दो शिफ्ट में कक्षाएं लेने या वैकल्पिक दिनों में विद्यार्थियों को बुलाने का फैसला स्कूल अपने स्तर पर ले सकते हैं।
ये बरतनी होंगी सावधानियां
- कंटेनमेंट क्षेत्र से शिक्षण संस्थान में नहीं आ पाएंगे शिक्षक और विद्यार्थी।
- स्कूलों में पैरों से चलने वाली हैंड सैनिटाइजर मशीनें रखना होगा अनिवार्य।
- शिक्षण संस्थानों में थर्मामीटर, साबुन और जरूरी सामान भी रखना अनिवार्य।
- स्कूल बसों और वैनों को चलाने से पहले उन्हें सैनिटाइज करना होगा जरूरी।
- कक्षाओं में विद्यार्थियों की सीटों के बीच छह फुट की दूरी पर निशान बनाना अनिवार्य।
- शिक्षण संस्थानों में जागरूक करने वाले पोस्टर, संदेश, स्टीकर और संकेत लगाना अनिवार्य।
- प्रार्थना सभा भी कक्षाओं या खुले स्थानों में कराई जाए, हॉल में हो अध्यापकों की हाजिरी।