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सफाई कर्मियों की हड़ताल बढ़ी, धरने पर फार्मासिस्ट, दवाओं का टोटा, डॉक्टरों ने भी दी चेतावनी

Fri, 30 Aug 2019 12:32 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सफाई कर्मियों की हड़ताल - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में आंदोलनरत शहरी स्थानीय निकायों और ग्रामीण सफाई कर्मियों ने अपनी हड़ताल और आगे बढ़ा दी है। 32 हजार निकाय कर्मी अब 31 अगस्त तक हड़ताल पर रहेंगे। यह निर्णय गुरुवार को केंद्रीय कमेटी की मीटिंग में लिया गया। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री की अध्यक्षता में आयोजित मीटिंग में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा सहित केंद्रीय कमेटी के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। 

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सरकार ने हड़ताल को विफल न कर सके, इसके लिए केंद्रीय कमेटी ने ठोस योजना तैयार की है। शनिवार से हड़ताली कर्मचारी शहरों एवं कस्बों में आक्रोश प्रदर्शन करेंगे। बस्ती, मोहल्लों विशेष कर बाल्मीकि बस्तियों में मीटिंग कर कर्मचारियों ने जन समर्थन जुटाने का फैसला लिया है। सीटू से संबंधित ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन ने भी रविवार तक हड़ताल बढ़ा दी है।

करीब 10 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारी उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को पक्का करने और तब तक 18 हजार न्यूनतम वेतन देने आदि मांगों को लेकर 27 अगस्त से हड़ताल पर हैं। निकाय और ग्रामीण सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण शहरी निकाय क्षेत्रों और गांवों में सफाई व्यवस्था चौपट हो गई है। 

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नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, महासचिव मांगे राम तिगरा, उप महासचिव सुनील चिंडालिया व उप प्रधान राजेंद्र सिनद ने बताया कि हड़ताल को अनिश्चितकालीन करने की बजाय दो दिन बढ़ाकर गेंद सरकार के पाले में डाल दी है। अब सरकार को बातचीत की पहल करनी चाहिए और मानी हुई मांगों के पत्र जारी कर हड़ताल को समाप्त कराना चाहिए। 

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने सरकार को आगाह किया कि यदि शनिवार तक हड़ताली कर्मचारियों की मांगों का समाधान कर हड़ताल समाप्त करने की पहल नहीं की तो अन्य विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल के समर्थन में आंदोलन का निर्णय लेने पर मजबूर होंगे।

फार्मासिस्ट की हड़ताल से अस्पतालों में अव्यवस्था, दवाओं का टोटा
हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्ट की हड़ताल के कारण अव्यवस्था का आलम है। चार दिन से चली आ रही हड़ताल के कारण अस्पतालों में दवाओं का संकट उत्पन्न हो गया है। एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ हरियाणा के आरोप अनुसार फार्मेसी एक्ट तोड़कर स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई वैकल्पिक व्यवस्था भी दम तोड़ती नजर आ रही है। 
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अनेक अस्पतालों में जरूरी दवाओं का कोटा खत्म हो गया है। मरीजों को कहीं-कहीं दो, दो गोली देकर टरकाया जा रहा है। कई जगह गलत दवाएं वितरित करने के भी आरोप लगे हैं। अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और भी चरमरा सकती है, चूंकि, डॉक्टरों ने भी 30 अगस्त से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे रखी है।

फार्मासिस्ट एसोसिएशन के विनोद दलाल ने कहा कि वित्त विभाग मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से भी ऊपर हो गया है। उन्हें 46 सौ ग्रेड पे देने का मामला बेवजह लटकाया जा रहा है। अब फार्मासिस्ट बढ़ी हुई ग्रेड पे लेकर ही आंदोलन खत्म करेंगे।

गांवों में 40 हजार पर एक फार्मासिस्ट
दलाल ने कहा कि गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 40000 की जनसंख्या पर एक फार्मासिस्ट नियुक्त है, संस्था में दवाओं समेत वैक्सीन व किसी भी उपकरण संबंधी व्यवस्था एवं जन्म मृत्यु पंजीकरण का कार्य फार्मासिस्ट ही करते हैं। ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टर नहीं है, वहां फार्मासिस्ट ही स्वास्थ्य सेवा प्रदान करता है। 

कैप्टन भूपेंद्र ने दिया मसला सुलझाने का आश्वासन 
हिसार में मुख्यमंत्री के पूर्व विशेष कार्य अधिकारी कैप्टन भूपेंद्र धरना स्थल पर पहुंचे। फार्मासिस्ट वर्ग ने उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने फार्मासिस्ट वर्ग की मांग पर पूर्ण सहमति जताते हुए शुक्रवार को चंडीगढ़ में मामला सुलझाने का आश्वासन दिया है।
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