कविता जैन ने कहा, राजा-महाराजाओं के समय में बेटियों व महिलाओं को सही दृष्टि से नहीं देखा जाता था। सती प्रथा समेत बहुत सी कुरीतियां थीं। पुरुष सत्ता स्वभाव के कारण महिलाएं दबती चली गईं। इस दिशा में राजा राममोहन राय ने ऐसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई थी।
उन्होंने समाज को संदेश दिया कि वंश चलाने के लिए भले ही आप बेटे पैदा करने की इच्छा रखें लेकिन बेटियों का हक मारने की कोशिश न करें। उन्हें भी बेटों के बराबर समझें।
उन्होंने हरियाणा सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में बताया। कहा, सरकार ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा की दहलीज तक लेकर आई। महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण भी जरूरी है इसलिए महिलाओं को स्वरोजगार आदि के लिए आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक लोन भी मुहैया कराया गया।
स्वच्छता अभियान पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पहले बेटियां खुले में शौच जाती थीं लेकिन उनका दर्द प्रधानमंत्री ने समझा और आज सरकार ने देशभर में घर-घर शौचालय बनवा दिए हैं।
अमर उजाला का अपराजिता अभियान
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यही नहीं, उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को चूल्हा फूंकने से निजात दिलाया। मोदी सरकार ने करोड़ों महिलाओं को गैस सिलेंडर मुहैया कराए। महिलाओं के लिए इंटीग्रेटेड हेल्पलाइन शुरू की गई। दुर्गा शक्ति फोर्स का गठन किया गया। शिक्षा के लिए 40 कॉलेज खोले, ताकि छात्राओं को दस से 20 किमी के मध्य ही शिक्षा मुहैया हो जाए। बसों की सुविधाएं भी दी गईं।
मातृत्व जननी सुरक्षा योजना के बारे में भी बताया। 70 हजार से अधिक स्टाफ की तैनाती आंगनबाड़ी केंद्रों में की है। वहां पर सोलर लाइटें भी लगाई जा रही हैं। बेटियों को शादी से पहले कन्यादान दिया जा रहा है। महिलाओं के लिए आवास मुहैया कराए जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने बताया कि चुनाव से पहले ही महिलाओं के लिए सखी मंच शुरू करने जा रहे हैं। इसके तहत हर गांव में महिलाओं की चौपाल लगेगी। महिलाओं को जागरूक किया जाएगा और उनके ही मुद्दों पर काम होगा। कहा, अपराजिता अभियान का भी सरकार हिस्सेदार बनेगी। मिलजुलकर काम करने को हम तैयार हैं। हरियाणा में महिलाओं को सशक्त करने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे।