पंजाब में डाई अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) खाद के सात सैंपल फेल होने पर विभाग ने खाद सप्लाई करने वाली दोनों कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कृषि विभाग के निदेशक ने मोहाली, कुराली और खरड़ में दोनों कंपनियों की खाद सप्लाई पर रोक लगाई दी है। मोहाली और इसके आसपास के इलाके में भारत एग्रो प्रोडक्ट कंपनी ने सहकारी समितियों को खाद की सप्लाई की थी। इसके अलावा एक अन्य कंपनी के सैंपल फेल पाए गए हैं। डायरेक्टर ने दोनों कंपनियों को नोटिस देकर जवाब दाखिल करने को कहा है। फेल हुए सैंपल की लैब रिपोर्ट, जिस बैच के खाद सैंपल फेल हुए उसे रिकॉर्ड में रख लिया गया है।
एसएएस नगर के सीएओ डॉ. गुरमेल सिंह ने बताया कि पांच सोसाइटी से कुल 3,078 बोरियां जब्त की गई। द कांसला एमपीसीएएसएस लिमिटेड में 250, मछली कलां एमपीसीएएसएस में 700, सोटल एमपीसीएएसएस में 750, गुणोमाजरा में 500 और खिजराबाद में 878 बोरियां जब्त की गई। इन दोनों कंपनियों ने इन सोसाइटी में खाद की सप्लाई की थी।
सहकारी समितियों को डीएपी की सप्लाई मार्कफेड ने की है। मोहाली में इसकी सप्लाई भारत एग्रो प्रोडक्ट कंपनी ने की। डीएपी खाद में फास्फोरस की मात्रा 46 प्रतिशत तक होनी चाहिए, लेकिन इस डीएपी में यह 20 प्रतिशत ही निकली। इसके बैच नंबर का रिकॉर्ड भी जमा कराया गया।
धान की बुआई पर पड़ेगा असर
धान की बुआई के समय खाद के सैंपल फेल होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। मंगलवार से प्रदेश के छह जिलों में धान की बुआई शुरू हो गई। शुरुआती चरण में किसानों को 1.15 लाख मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत पड़ेगी, जबकि 31 जुलाई तक यह जरूरत बढ़कर 16 लाख मीट्रिक टन तक जाएगी। हालांकि कृषि विभाग ने कहा है कि अन्य कंपनियों से जरूरत को पूरा किया जाएगा। किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।