चंडीगढ़। हॉस्पिटैलिटी विभाग का सचिव बनने के बाद आईएएस यशपाल गर्ग ने विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर कई महत्वपूर्ण आदेश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी कर्मचारी स्मार्ट अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम के तहत चेहरा पहचानने वाली मशीन में खुद को पंजीकृत नहीं करेगा, उसे सितंबर महीने की तनख्वाह जारी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा है कि आगे से सिर्फ इसी व्यवस्था के तहत उपस्थिति दर्ज कराई जाएगी।
आदेश के अनुसार 10 सितंबर से विभाग के सभी कर्मचारियों को स्मार्ट सिस्टम के तहत ही सुबह और शाम को उपस्थिति दर्ज करानी होगी। 30 सितंबर तक मैनुअल तरीके से भी उपस्थिति दर्ज कराने की छूट दी गई है, लेकिन एक अक्तूबर के बाद मैनुअल तरीके से हाजिरी लगाना बंद कर दिया जाएगा। सभी अधिकारी व कर्मचारियों को समय अनुसार दफ्तर आना होगा। किसी कारणवश अगर कोई सुबह लेट हो जाता है, तो समय की भरपाई शाम को दफ्तर में काम करके करनी होगी। हालांकि, ऐसा रोजाना नहीं होना चाहिए। अगर कोई कर्मचारी हाजिरी लगा कर दफ्तर में नहीं पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी और उसके एसीआर व एपीएआर में अंकित किया जाएगा। एक अन्य आदेश से हॉस्पिटैलिटी विभाग में आउटसोर्स पर वह कर्मचारी, जो विभाग के बाहर काम कर रहे हैं, उनकी सेवाएं शनिवार से समाप्त कर दी हैं। यूटी गेस्ट हाउस में ठहरे निजी गेस्ट की भी रिपोर्ट मांगी गई है।