उसके बाद बताया गया कि मिनट्स के लिए कभी वोटिंग नहीं होती है। इस बात पर दोनों पार्टियों के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया और जबरन मिनट्स पास कराए जाने पर मेयर के सामने पहुंच गए और प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगे। लगभग एक घंटे तक चले हंगामे के बाद मेयर सरबजीत कौर ने चाय ब्रेक घोषित कर दिया।
लगभग साढ़े 12 बजे फिर से बैठक शुरू हुई। कांग्रेस पार्षद गुरबख्श रावत ने कहा कि बिना सदन की सहमति के कोई मिनट्स कैसे पास हो सकता है। मेयर ने कहा कि कांग्रेस ने मेयर चुनाव में तो वोट ही नहीं दिया, फिर आप कैसे मिनट्स पर सवाल उठा सकते हैं। इस पर दोनों दलों के पार्षद इकट्ठा होकर फिर हंगामा करने लगे।
उसके बाद मेयर ने मार्शल को बुलाकर हंगामा कर रहे पार्षदों को सदन के बाहर करने का आदेश दे दिया। साथ ही तीनों प्रमुख पदों का मामला अदालत में होने के कारण इस प्रक्रिया को आगे के लिए टाल दिया गया। इसके अलावा मेयर की ओर से गठित की जाने वाली कमेटियों के प्रस्ताव को भी इस फैसले के साथ आगे टाल दिया गया। वित्त एवं अनुबंध कमेटी में पांच नाम होने के कारण बिना चुनाव के सर्वसम्मति से पांच सदस्यों का चुनाव हो गया। कमेटी में गुरुबख्श रावत, तरुणा मेहता, महेश इंद्र सिंह सिद्धू, सौरभ जोशी और जसवीर सिंह को चुना गया है।
सदन में कचरा निस्तारण करने वाली मशीनों को अपग्रेड करने के लिए प्रस्ताव लाया गया। लगभग छह करोड़ की लागत से मशीनों को शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण करने योग्य बनाया जा सकेगा। नई तकनीक की मशीनों को लगने में अभी समय लगे, तब तक निगम पुरानी मशीनों को ठीक करके उससे कचरा निस्तारण करना चाहता है। सूत्रों की मानें तो प्रशासन इसके लिए निगम को इसके लिए अतिरिक्त फंड देगा।
कचरा निस्तारण के लिए सरकार से मिलेंगे 28.5 करोड़
कचरा निस्तारण प्लांट में निस्तारित न होने वाले सूखे कचरे को निगम ने डंपिंग ग्राउंड पर फेंक दिया गया है। इससे लगभग लगभग आठ एकड़ भूमि पर एक नया कचरे का पहाड़ बन गया है। इस कूड़े के पहाड़ को निस्तारित करने के लिए निगम ने 77 करोड़ रुपये की योजना बनाई है। इसमें से 28.5 करोड़ रुपये केंद्र सरकार स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत देगी जबकि शेष खर्चा निगम करेगा।
कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वच्छता सर्वेक्षण में भी फायदा
सदन में सीवर साफ करने वाले कर्मचारियों के लिए एक प्रस्ताव लाया गया। इसमें सीवर की सफाई के लिए विषम परिस्थितियों में कर्मचारियों को खुद ही अंदर जाना होता है। इसके लिए उन्हें पूरी तरह से प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही जब वह सीवर की सफाई के लिए अंदर जाएंगे तो 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस योजना से निगम को स्वच्छता सर्वेक्षण में भी 10 नंबरों का फायदा होगा।
शहर के फाइव स्टार रेटिंग करने पर भी असमंजस
स्वच्छता अभियान में शहर को फाइव स्टार रेटिंग के लिए आवेदन करने के बारे में सदन के सामने जानकारी प्रस्तुत की गई। इस पर आप और कांग्रेस के पार्षदों ने मेयर व आयुक्त से कई सवाल पूछ डाले। बाद में इसे लेकर हाथ खड़ा करवाकर वोटिंग कराई गई। आप पार्षदों ने पहले एजेंडे के पक्ष और विपक्ष दोनों में हाथ उठाए लेकिन बाद में बायकॉट कर दिया, वहीं कांग्रेस ने भाजपा के साथ मिलकर समर्थन दे दिया। इस पर एजेंडा पास हो गया।
गुरबक्श के सवालों पर बोलीं मेयर, तीन सवाल पूछ सकता है पार्षद
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर कांग्रेस पार्षद गुरुबक्श रावत ने एक के बाद एक कई सवाल पूछे। इस पर मेयर ने कहा कि एक पार्षद सदन में केवल तीन सवाल पूछ सकता है। सचिव ने तत्काल अधिनियम भी पढ़कर सुना दिया। इस दौरान डंपिंग ग्राउंड के मुद्दे पर भाजपा पार्षद कंवरजीत राणा ने कहा कि यह प्लांट और कचरे के पहाड़ का नासूर तो कांग्रेस ने ही दिया है। बहस के बाद मेयर ने उन्हें बैठाया। वहीं आप पार्षद कुलदीप सिंह ने डड्डूमाजरा को लेकर कई सवाल किए, मेयर ने कहा कि एजेंडे को लेकर चर्चा करें।