आरएसस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)प्रमुख मोहन भागवत जालंधर में अपने तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान मात्र संघ के लोगों से ही बैठकें कर रहे हैं। उनकी बैठक में कोई भी स्थानीय नेता और मीडिया को नहीं बुलाया गया। इस बैठक को मंथन बैठक के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बैठक में पंजाब के अलावा हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा के प्रचारकों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की जा रही है।
दरअसल, देश में लोकसभा चुनाव नजदीक हैं। मोहन भागवत के इस दौरे को लोकसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मोहन भागवत संघ से लोगों से मिलकर पंजाब की नब्ज टटोलने की कोशिश कर रहे है। ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि हाल ही में पांच राज्यों के चुनाव प्रचार के बाद भाजपा ने देशभर में संपर्क अभियान बढ़ाया है। ऐसे में लग रहा है कि संघ ने पंजाब व पड़ोसी राज्यों की कमान संभाल ली है। मोहन भागवत का यह दौरान इसी का एक हिस्सा हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक मोहन भागवत ने संघ से जुड़े लोगों को गांवों में जाकर प्रचार प्रसार करने को प्रेरित किया। उनका मानना है कि शहरी हलकों के बाद अब भाजपा गांवों में भी अपना जनाधार बढ़ाने की तरफ कदम उठा रही है। इसके लिए सभी को गांवों में जाकर लोगों से नेटवर्क स्थापित करना होगा। मोहन भागवत ने इस बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव पर गहराई से विचार किया। मोहन भागवत इन बैठकों में स्वयंसेवकों को मोदी की गारंटी का मूलमंत्र देने की बात कर रहे हैं।
आज ब्यास जा सकते हैं संघ प्रमुख
सूत्रों के मुताबिक आठ दिसंबर को बैठक के अंतिम दिन संघ प्रमुख डेरा ब्यास भी जा सकते हैं। हालांकि संघ के प्रचारक किसी भी बात की पुष्टि करने को तैयार नहीं है। वह सुरक्षा कारणों का हवाला दे रहे हैं। कुछ संघ प्रचारकों का यह भी कहना है कि इन बैठकों का राजनीति से कुछ लेना-देना नहीं है।