फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोल्डन पंच: कुक के बेटे ने एशियन यूथ एवं जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में किया कमाल, दिलाया गोल्ड

Mon, 30 Aug 2021 08:48 AM IST
निवेदिता वर्मा संजीव पंगोत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

रोहित चमोली के कोच जोगिंदर कुमार पंजाब पुलिस में एएसआई हैं और सेक्टर- 9 स्थित पंजाब पुलिस के हेडक्वार्टर में तैनात हैं। उन्हें बच्चों को मुक्केबाजी सिखाने का जनून है। जोगिंदर गरीब घर के बच्चों को सेक्टर-3 स्थित बोगनवेलिया गार्डन के खुले एरिया में मुक्केबाजी की निशुल्क ट्रेनिंग देते हैं।
विज्ञापन
रोहित चमोली। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक आने के बाद देश के खिलाड़ियों का जोश दोगुना हो गया है। इस बार एक कुक के बेटे ने एशियन यूथ एवं जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्डन पंच जड़ दिया है। चैंपियनशिप का आयोजन दुबई में किया जा रहा है।

विज्ञापन


रविवार को 48 किलो भार वर्ग के फाइनल में भारत की ओर से खेलते हुए रोहित चमोली ने मंगोलिया के ओटगेनबयार तुबश्जिया को 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। चैंपियनशिप में इस मेडल के साथ भारत ने खाता खोला। चंडीगढ़ अमेच्योर मुक्केबाजी एसोसिएशन अगले महीने शहर में होने वाली मुक्केबाजी चैंपियनशिप के दौरान रोहित को सम्मानित करेगी।


पिता ने मोबाइल पर देखा लाइव मुकाबला, बोले- खुशी को बयां करना मुश्किल 
16 वर्ष के रोहित चमोली ने सेक्टर-16 गवर्नमेंट स्कूल से दसवीं की कक्षा पास की है। वह नयागांव में रहते हैं। उनके पिता जय प्रकाश मोहाली के थ्री बी-2 के एक होटल में तंदूर पर कुक का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि एशियन यूथ एवं जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में बेटे का फाइनल मुकाबला मोबाइल पर देखा। जैसे ही बेटे ने गोल्ड मेडल हासिल किया, खुशी से उनकी आंखों में आंसू आ गए।  बोले- इस खुशी को बयां करना बेहद मुश्किल है। बेटे ने देश और परिवार का नाम रोशन कर दिया है। 
विज्ञापन


कोच जोगिंदर बोले- लंबे हाथों से पंच लगाने की तकनीक से जीता रोहित 
रोहित चमोली के कोच जोगिंदर कुमार पंजाब पुलिस में एएसआई हैं और सेक्टर- 9 स्थित पंजाब पुलिस के हेडक्वार्टर में तैनात हैं। उन्हें बच्चों को मुक्केबाजी सिखाने का जनून है। जोगिंदर गरीब घर के बच्चों को सेक्टर-3 स्थित बोगनवेलिया गार्डन के खुले एरिया में मुक्केबाजी की निशुल्क ट्रेनिंग देते हैं। रोहित को उनके पिता चार साल पहले मुक्केबाजी सिखाने जोगिंदर कुमार के पास लेकर आए थे। इसके बाद कोच ने इस खिलाड़ी को तराशने का काम शुरू किया। मौसम कैसा भी रहे रोजाना अन्य मुक्केबाजों की तरह रोहित को कड़ी ट्रेनिंग दी। कोच ने कहा कि इस खिलाड़ी के पास लंबे हाथों के पंच मारने की तकनीक है। इस तकनीक का फाइनल मुकाबले में इस्तेमाल किया और मंगोलिया के मुक्केबाज को धूल चटा दी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें