वहीं मृतक के परिवार ने हंगामा कर दिया। लुधियाना चंडीगढ़ रोड करीब चार घंटे जाम कर परिजनों ने एसएचओ सुखबीर सिंह और एएसआई राजिंदर सिंह पर केस दर्ज करने की मांग की। मामला बढ़ता देखा समराला के विधायक अमरीक सिंह मौके पर पहुंचे।
एसपी (आई) जसवीर सिंह के नेतृत्व में डीएसपी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने परिवार को आश्वासन दिया कि जो भी जांच रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं समराला की जूडिशियल मजिस्ट्रेट पुलिस स्टेशन पहुंची और परिवार के बयान कलमबद्ध किए। इसके बाद गांव वालों ने धरना समाप्त किया।
निरदीप ने हाथ में कभी पिस्तौल नहीं पकड़ी
एसपीडी जसवीर सिंह ने कहा कि निरदीप सिंह से डेढ़ घंटे से पूछताछ की जा रही थी। वह जांच अधिकारी की हर गतिविधि पर नजर रख रहा था। उसे यह भी पता था कि पिस्तौल कहां रखी है। वहीं परिवार के सदस्यों ने कहा कि निरदीप ने कभी हाथ में पिस्तौल पकड़कर नहीं देखा था वह कैसे खुद को गोली मार सकता है।