पंजाब में हुई टारगेट किलिंग और कई आतंकी घटनाओं के पीछे रिंदा का ही हाथ रहा है। पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड में वह गैंगस्टर, नशा तस्कर और हथियार सप्लायर के तौर पर सूचीबद्ध है। एनआईए के मुताबिक रिंदा ने गैंगस्टर रहते पंजाब में अपना एक नेटवर्क स्थापित किया था।
उसकी गैंग में पंजाब व हरियाणा के कई शूटर थे। इसके अलावा उसके पास नशा तस्करों का भी नेटवर्क था। साल 2017-18 में वह पाक चला गया और वहां से उसने अपने छोटे अपराधियों को आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार किया। मोहाली आरपीजी अटैक इसी कड़ी का हिस्सा था।
उसने हाल ही में पाकिस्तान में सक्रिय एक अन्य मोस्ट वांटेड आतंकवादी वढेरा सिंह के साथ हाथ मिलाया था। वह कम से कम 30 आपराधिक मामलों में वांछित था। उसके अपराधों में हत्या के लगभग 10 मामले, हत्या के प्रयास के छह मामले, डकैती/स्नैचिंग के सात मामले के अलावा अपहरण, जबरन वसूली, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के मामले शामिल हैं।
10 लाख का था इनामी
एनआईए ने करीब तीन महीने पहले रिंदा पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। एनआईए ने रिंदा की गतिविधियों की सूचना देने के लिए कई फोन नंबर भी जारी किए थे। जांच एजेंसी ने इंटरपोल को भी एक डोजियर सौंपा था, जिसमें उसकी आतंकी गतिविधियों का उल्लेख था।
साल 2008 में अपराध की दुनिया में रखा था कदम
रिंदा ने 2008 में अपराध की दुनिया में प्रवेश किया, जब उसने तरनतारन जिले में अपनी निजी दुश्मनी के कारण एक प्रताप सिंह की हत्या कर दी। उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी और पंजाब की विभिन्न जेलों में रखा गया था। साल 2013 में संगरूर जेल में बंद रहते हुए उसने जेल कर्मचारियों पर हमला किया। उसके बाद 2014 में फिर पटियाला जेल के सहायक अधीक्षक पर हमला किया। अक्टूबर 2014 में वह नाभा जेल से जमानत पर छूटा था। साल 2016 में महाराष्ट्र के नांदेड़ में रिंदा के भाई सुरिंदर उर्फ सत्ता की दिलबाग सिंह व कुछ अन्य लोगों ने आपसी रंजिश के चलते हत्या कर दी थी।
जस्सी ने लिखा-मूसेवाला के हत्यारे से मिला लिया था हाथ
बंबीहा ग्रुप के गैंगस्टर जसप्रीत सिंह जस्सी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि रिंदा को पहले हमारे साथियों ने पाकिस्तान में सेट करवाया। लेकिन वह नशा तस्करी के साथ हमारे विरोधी गुट गोल्डी बराड़ के साथ मिल गया, जिसने सिद्धू मूसेवाला की हत्या करवाई।