फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिटायर्ड कर्नल गौराया को दो साल की कैद, जानिए क्या है मामला?

Thu, 09 Feb 2017 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
जेल - फोटो : Demo Pic
विज्ञापन
आय से अधिक संपत्ति मामले में रिटायर्ड कर्नल के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के केस में सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा अटैच की गई कृषि भूमि को बेचने पर सीजेएम कोर्ट ने 2 साल की कठोर सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन


सरकारी वकील मनजिंदर सिंह ने अदालत को बताया था कि सीबीआई ने 1990 में सेना से रिटायर्ड कर्नल सेक्टर-9सी निवासी बीएस गोराया के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। जुलाई 1993 में उनकी अन्य प्रॉपर्टी को अटैच करने के लिए अदालत में प्रक्रिया शुरू की गई।

वर्ष 2011 में जांच के दौरान सामने आया कि सेना के पूर्व अधिकारी की पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में उनके और परिवार के नाम कई संपत्ति हैं। आरोप के अनुसार जनवरी 1987 से अगस्त 1990 के बीच रिटा. कर्नल और उनके अन्य पारिवारिक सदस्यों ने 82.58 लाख रुपये की संपत्ति अर्जित की, जो कि उनकी आय से बहुत अधिक थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

अदालत ने 20 हजार रुपये जुर्मान भी लगाया

जेल - फोटो : Demo Pic
सीबीआई विशेष कोर्ट ने उनके आवास की संपत्ति अटैच किए जाने के साथ आदेश दिए थे कि वे जमीन से जुड़ी अन्य संपत्ति बेचने का अधिकार नहीं रखते हैं। इसके बावजूद उन्होंने होशियारपुर, पंजाब स्थित कृषि संपत्ति एक व्यक्ति को बेच दी। इसके बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने रिटायर्ड कर्नल गोराया के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 195 के तहत प्रारंभिक आपराधिक शिकायत के आदेश दिए थे।

मामले में सीजेएम कोर्ट में आपराधिक शिकायत दायर की गई थी। शिकायत की पुष्टि होने पर रिटायर्ड कर्नल के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर 206 आईपीसी के तहत केस चलाया गया था। इसमें सीजेएम कोर्ट ने उसे दोषी पाया और उक्त सजा सुनाई।

याची की अपील
दोषी पाए गए रिटायर्ड कर्नल ने अदालत से अपील की थी कि उनकी उम्र 75 वर्ष हो गई है और इस केस का ट्रायल वह लंबे समय से भुगत रहे हैं। वहीं उनकी पत्नी की भी उम्र अधिक है। उनकी देखभाल करने वाला उनके अलावा कोई नहीं है। ऐसे में केस में उनके प्रति उदार रवैया अपनाया जाए। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें