मुख्यमंत्री समेत गुरुद्वारा घटना के हर आरोपी के खिलाफ धारा 295ए के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसजीपीसी का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल से भी मिलेगा। अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो एसजीपीसी कानूनी कार्रवाई करेगी और आरोपियों को सजा दिलाएगी।
अन्य प्रस्ताव में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और सदस्यों की एक बड़ी सभा बुलाकर पंजाब की भगवंत मान सरकार के खिलाफ अगली रणनीति बनाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में बेअदबी की घटनाओं के आरोपी और दुष्कर्म व हत्या के मामले में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को समर्थन करने और पंजाब में उसका डेरा शुरू करवाने की कोशिशों की निंदा की गई। वहीं डेरामुखी की मदद हर तरह से बंद करने की मांग की गई।
बेअदबी मामलों में बख्शा नहीं जाना चाहिए
एडवोकेट धामी ने कहा कि किसी भी बेअदबी मामले में दोषियों के खिलाफ एसजीपीसी की बहुत स्पष्ट नीति है। जब कुछ शरारती लोग सुल्तानपुर लोधी की घटना को बरगाड़ी की घटना के साथ जोड़कर अनावश्यक सवाल उठा रहे हैं। बरगाड़ी मामले में भी एसजीपीसी की 2021 की आम बैठक के दौरान निंदा प्रस्ताव पारित कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि किसी को भी बेअदबी मामलों में बख्शा नहीं जाना चाहिए।