चंडीगढ़। सात दिन का रिमांड पूरा होने पर पांच करोड़ की ठगी के आरोपी प्रॉपर्टी डीलर व फाइनेंसर रामलाल चौधरी को शुक्रवार को जिला अदालत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इस दौरान पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट पुनीत मोहिनिया से पांच दिन का रिमांड मांगा। जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रिमांड मंजूर कर लिया।
जिरह के दौरान रामलाल के वकील ने कहा कि पुलिस को पूरा अधिकार है कि वे रिमांड के लिए आग्रह कर सकते हैं, लेकिन किसी केस की जांच के लिए सात दिन का रिमांड बहुत होता है। वहीं, पुलिस ने कहा कि आरोपी रामलाल के ग्रेटर कैलाश स्थित फ्लैट पर जाकर मोबाइल ढूंढना है। इस पर रामलाल के वकील ने कहा कि ग्रेटर कैलाश ही जाना था ना, कैलाश पर्वत पर तो जाना नहीं था कि बर्फ पड़ी थी और जा नहीं पाए। अब तक वहां जाकर जांच क्यों नहीं की गई। पुलिस ने दलील देते हुए कहा कि उन्हें जो दस्तावेज मिले हैं, वे सब इधर-उधर कर दिए गए थे। चूंकि उन्होंने टीम तैनात की थी इसलिए कुछ बरामद हो गए, इनमें 520 ब्लैंक चेक भी शामिल हैं। अभी ग्रेटर कैलाश स्थित फ्लैट पर जाकर मोबाइल के अलावा अन्य दस्तावेजों की भी खोज करनी है, इसलिए पांच दिन का रिमांड जरूरी है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने रामलाल का पांच दिन का रिमांड मंजूर कर लिया।
रामलाल को चेक देने वाले 20 और लोगों से पूछताछ
चंडीगढ़। रामलाल चौधरी से 50 भरे समेत 538 चेक बरामद हुए थे। एसआईटी धीरे-धीरे सभी चेक दाताओं को पूछताछ के लिए बुला रही है। शुक्रवार को भी करीब 20 चेक दाताओं को पूछताछ के लिए बुलाया गया। उधर, वीरवार को एसआईटी ने रामलाल के सीए के पंचकूला स्थित सेक्टर-8 स्थित दफ्तर में छापेमारी की थी, जहां से कई अहम दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया था। सूत्रों ने बताया कि दस्तावेजों में कई गड़बड़ियां पाई गईं हैं। एसएसपी कुलदीप चहल ने बताया कि आरोपी रामलाल सात दिन का रिमांड खत्म होने के बाद पांच दिन का रिमांड और हासिल किया गया है।