जनवरी में शुरू होने वाले पहले फेज के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत जीएमएसएच- 16, सभी डिस्पेंसरी, शहर के प्राइवेट अस्पताल व जीएमसीएच 32 के हेल्थ केयर वर्करों को शामिल किया गया है। डॉ. कंग ने बताया कि इसमें पीजीआई और ईएसआई हॉस्पिटल के हेल्थ वर्कर शामिल नहीं हैं। दोनों केंद्र अपने स्तर पर अपने हेल्थ केयर वर्करों की डिटेल भेजेंगे।
जून में आएगी लोगों की बारी
हेल्थ केयर वर्कर का टीकाकरण करने के साथ ही पहला पेज पूरा होने के बाद देश में जनता का टीकाकरण शुरू किया जाएगा। हेल्थकेयर वर्करों के टीकाकरण के लिए सरकार ने 4 से 5 महीने का समय तय किया है। जनवरी में शुरू हो रहे टीकाकरण अभियान के पहले फेज के जून तक पूरा होने की उम्मीद है। उसके बाद देश की जनता का टीकाकरण शुरू होगा।
ऐसे होगा टीकाकरण
कोरोना टीकाकरण में एएनएम की भूमिका अहम होगी। डॉ. कंग ने बताया कि इसके टीकाकरण से जुड़ी जानकारियां देने के लिए शहर की एएनएम को एक बार प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अगला प्रशिक्षण दिसंबर में शुरू किया जाएगा। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक तकनीक के अंतर्गत एएनएम को स्मार्टफोन दिया जाएगा, जिसमें कोरोना टीकाकरण का ऐप डाउनलोड होग इसके तहत प्रतिदिन एएनएम के पास उन लोगों की डिटेल मैसेज के जरिए भेजी जाएगी जिन्हें उसे उस दिन टीका लगाना होगा।
वह मैसेज एएनएम के साथ ही लाभार्थियों के पास भी जाएगा। लाभार्थी के पास मैसेज के साथ ही एक पासवर्ड का ओटीपी भेजा जाएगा। जो उसे संबंधित एएनएम को बताना होगा। उस ओटीपी को ऐप पर डालकर लॉग इन करने पर लाभार्थी का आईडी जनरेट हो जाएगा। टीकाकरण के बाद लाभार्थी ओके करेगा। एएनएम उसके मेसेज को एप्प पर डाउनलोड करेगी। जो सीधे पोर्टल से लिंक होगा। डॉ. कंग ने बताया कि ऐसा करके टीकाकरण में वैक्सीन की बर्बादी को रोकने में मदद मिलेगी।
यूएनडीपी कर रहा सहयोग
कोरोना महामारी से बचाव के लिए शुरू हो रहे टीकाकरण अभियान में भी यूएनडीपी सहयोग करेगा। डॉक्टर कंग ने बताया कि देश में चलाए जा रहे हैं टीकाकरण से जुड़े विभिन्न अभियानों में यूएनडीपी सहयोग कर रहा है। उसकी सफलता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि कोरोना के टीकाकरण में भी उनके साथ मिलकर काम किया जाएगा।
जीएमएसएच-16 में बनेगा आईटी सेल
कोरोना के टीकाकरण के लिए सेक्टर 16 स्थित जीएमएसएच में अलग आईटी सेल बनाया जाएगा जिससे टीकाकरण अभियान से जुड़ी प्रत्येक चीज की बारीक मॉनिटरिंग की जाएगी। आईटी सेल के द्वारा टीकाकरण के पल-पल की अपडेट केंद्र सरकार के पोर्टल पर भेजी जाएगी। ऐसा इसलिए किया जाएगा क्योंकि वैक्सीन का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।