तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग वर्मा ने बताया कि सामूहिक नकल के खुलासे में लहरागागा के सात फार्मेसी कॉलेज शामिल हैं। इनमें विनायका कॉलेज ऑफ फार्मेसी लहरागागा, आर्य भट्ट कॉलेज ऑफ फार्मेसी संगरूर, माडर्न कॉलेज ऑफ फार्मेसी संगरूर, विद्या सागर पैरामेडिकल कॉलेज लहरागागा, महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी लहरागागा, लार्ड कृष्णा कॉलेज ऑफ फार्मेसी लहरागागा और कृष्णा कॉलेज आफ फार्मेसी, लहरागागा में सितंबर और अक्तूबर (2020) में हुई परीक्षाओं के दौरान सामूहिक नकल हुई है।
उड़न दस्तों के प्रभारियों के खिलाफ चार्जशीट के आदेश
इस मामले में उड़न दस्ते के इंचार्ज नवनीत वालिया प्रिंसिपल सरकारी बहु-तकनीकी कॉलेज बरेटा और अनिल कुमार सेक्शन अफसर की भूमिका संदिग्ध मिली है। विभाग ने इनके खिलाफ भी चार्जशीट के आदेश जारी किए हैं। संस्थाओं ने राज्य में दी जा रही तकनीकी शिक्षा की छवि को भारी ठेस पहुंचाई है। इन संस्थाओं की मान्यता रद्द करने के लिए एक सप्ताह के अंदर-अंदर कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के लिए तकनीकी शिक्षा बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं।
रद्द होंगी परीक्षाएं
बोर्ड को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि इन संस्थाओं में सितंबर-अक्तूबर 2020 में हुई परीक्षाओं को रद्द करते हुए इन संस्थाओं के विद्यार्थियों की दोबारा परीक्षा ली जाए। अब जो परीक्षा ली जाएगी उसके सेंटर केवल सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक, आईटीआई में ही बनाए जाएंगे। साथ ही इनवीजीलेशन स्टाफ भी केवल सरकारी संस्थाओं का ही लगाया जाएगा। यह परीक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में करवाई जाएंगी और इसकी रिकॉर्डिंग तुरंत प्राप्त कर रिकॉर्ड में रखी जाएंगी। - अनुराग वर्मा, प्रमुख सचिव, तकनीकी शिक्षा विभाग, पंजाब।
सामूहिक नकल का यह बेहद गंभीर मामला है। इस मामले में दोषी किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिए गए हैं। - चरनजीत सिंह चन्नी, तकनीकी शिक्षा मंत्री, पंजाब।