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चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में BJP की बड़ी जीत, देखिए 12 कारण

Tue, 20 Dec 2016 06:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव
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चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भाजपा ने बहुमत हासिल करते हुए कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया। इस बड़ी जीत के पीछे कई कारण बताए जा रहे है। जैसे भाजपा ने कांग्रेस के मुकाबले में एक सप्ताह पहले ही अपनी टिकटों की घोषणा कर दी। भाजपा का मीडिया और सोशल मीडिया पर मैसेज और वीडियों भेजने का मैनेजमेंट ज्यादा अच्छा था। भाजपा ने नुक्कड़ नाटक शहर में अलग अलग जगह करवाकर नोटबंदी के फायदे बताए। 150 नुक्कड़ नाटक किए।
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भाजपा ने अपने नगर निगम चुनाव का प्रचार भी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली करवाकर शुरू किया। कांग्रेस ने लोकल मुद्दे छोड़कर सिर्फ नोटबंदी को भुनाकर चुनाव लड़ा। टिकट वितरण के बाद ही कांग्रेस में गुटबाजी पैदा हो गई। पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी का गुट बंसल के खिलाफ खुलकर आ गया। भाजपा ने नगर निगम चुनाव को काफी गंभीरता से लिया उन्होंने लोकल चुनाव में भी केंद्रीय मंत्रियों, राष्ट्रीय नेताओं और हरियाणा सीएम से प्रचार करवाया।

जबकि कांग्रेस ऐसा नहीं कर पाई। सांसद किरण खेर ने चुनाव से पहले युवाओं के नौकरी पाने की आयु सीमा 25 से बढ़ाकर 37 साल करवा दी जिसका फायदा मिला और युवाओं की वोट भाजपा को मिली। इस साल ही भाजपा का मेयर नगर निगम में बना था। मेयर अरुण सूद ने 10 माह में काफी काम किए जिसका भी फायदा मिला।
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भाजपा ने टिकट का वितरण भी नामांकन से एक सप्ताह पहले ही कर दिया था जिससे उम्मीदवारों को प्रचार करने के लिए ज्यादा समय मिला। भाजपा से टिकट वितरण से पहले पूरे शहर का सर्वे करवाया। सर्वे के अनुसार ही जीतने वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया। इसके अलावा चुनाव से तीन पहले भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से फोन पर बात की कि शहर के बैंकों में नोट समाप्त नहीं होने चाहिए जिसके बाद एटीएम और बैकों में जमकर नए नोट आए और लाइनें समाप्त कर दी गई।
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धवन की नाराजगी का कोई नुकसान नहीं हुआ

चंडीगढ़ नगर निगम चुनावों में खिला कमल
टिकट वितरण पर पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन ने नाराजगी जाहिर करते हुए यह घोषणा कर दी थी कि अगर पार्टी चुनाव हारती है तो इसके लिए टंडन जिम्मेवार होगा। इसलिए धवन ने चुनिंदा सीट पर ही प्रचार किया था लेकिन हाईकमान ने टिकट वितरण के बाद धवन को पार्टी के खिलाफ ब्यान देने से भी रोक दिया था। जिसके बाद पार्टी की गुटबाजी भी उभर कर शहरवासियों के सामने नहीं आई इसका भी पार्टी को फायदा मिला।

स्टार प्रचारकों को लाने का मिला फायदा
भाजपा का नगर निगम चुनाव में स्टाकर प्रचारकों को लाने का जमकर फायदा मिला जबकि कांग्रेस नाममात्र ही सीनियर नेता चंडीगढ़ में प्रचार में लाने के लिए कामयाब रहे। सांसद किरण खेर ने खुद भी 26 से ज्यादा सीटों पर ताबड़तोड़ रैलियां और जनसभाएं की। भाजपा ने केंद्रीय मंत्रियों के अलावा हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर से भी प्रचार करवाया था।

मनोज तिवारी, अनुराग ठाकुर, हंसराज हंस और उतराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने एक दिन ताबड़तोड़ जनसभाएं की। हंसराज राज ने भाजपा में शामिल होने के बाद सबसे पहला कार्यक्रम भाजपा उम्मीदवार सौरभ जोशी के लिए सेक्टर-30 में किया था लेकिन इसके बावजूद जोशी हार गए।
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