भाजपा में कंप्यूटर ऑपरेटर से मुख्यमंत्री तक
नायब सिंह सैनी कभी भारतीय जनता पार्टी में मनोहर लाल के साथ संगठन में काम करते हुए कंप्यूटर ऑपरेटर होते थे। मनोहर लाल भाजपा में संगठन मंत्री थे तब वह अपने कार्यालय के कर्मचारियों में सबसे अधिक भरोसा कंप्यूटर ऑपरेटर नायब सिंह पर ही करते थे। कई साल तक भाजपा मुख्यालय में काम करने वाले सैनी ने कुछ समय संगठन की राजनीति को छोड़कर अंबाला जिले के नारायणगढ़ में केबल ऑपरेटर के रूप में भी काम किया।
भाजपा में पहली बार एक ही व्यक्ति के पास तीन पद
हरियाणा की राजनीति में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी एक व्यक्ति के पास राजनीतिक दल में तीन महत्वपूर्ण पद हो। नायब सिंह सैनी इस समय कुरुक्षेत्र से सांसद हैं। उनका कार्यकाल अभी समाप्त नहीं हुआ है। इस बीच पार्टी ने पिछले साल 27 अक्तूबर को उन्हें भाजपा हरियाणा का प्रदेशाध्यक्ष बनाया। इस पद पर काम करते हुए उन्हें छह माह पूरे भी नहीं हुए थे कि उन्हें मुख्यमंत्री का पद मिल गया।
चुनौतियां भी कम नहीं
बेशक नायब सिंह सैनी को भाजपा ने ताज पहना दिया हो लेकिन उनके सामने चुनौतियां का पहाड़ खड़ा है। साढ़े नौ साल के बाद अचानक से मनोहर लाल का चेहरा बदलने से सैनी को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। सबसे बड़ी चुनौती तो मौजूदा लोकसभा चुनाव हैं और इसके बाद फिर हरियाणा में विधानसभा चुनाव में उनकी अग्निपरीक्षा होनी है। भाजपा ने हरियाणा में सभी 10 लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। सरकार चलाने का अनुभव नहीं होना भी एक बड़ी चुनौती होगा।
आठ फीसदी वोट है सैनी समाज का
सैनी समुदाय की आबादी करीब आठ फीसदी है। यह समुदाय हरियाणा के कई उत्तरी जिलों के अलावा अंबाला, कुरुक्षेत्र और हिसार सहित कुछ अन्य जिलों में भी प्रभाव रखता है।