6635 ईटीटी शिक्षकों की भर्ती में स्नातक के 5 अंक देने के प्रावधान को हाईकोर्ट में चुनौती
पंजाब सरकार द्वारा ईटीटी के 6635 पदों के लिए जारी नियुक्ति प्रक्रिया में स्नातक को उच्च योग्यता मानते हुए इसके लिए अतिरिक्त 5 अंक देने के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। प्रीति प्रभात सहित 57 आवेदकों ने एडवोकेट विकास चतरथ के जरिये याचिका दाखिल करते हुए बताया कि पंजाब सरकार ने गत वर्ष जुलाई में ईटीटी के 6635 पदों के लिए आवेदन मांगे थे।
ईटीटी की योग्यता के साथ यह भी तय कर दिया गया कि जिन आवेदकों ने स्नातक की है उन्हें उच्च शिक्षा के अतिरिक्त पांच अंक दिए जाएंगे। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इस तरह से स्नातक के लिए अलग से अतिरिक्त अंक देना तय नियमों का उल्लंघन है। इस तरह समानता के अधिकार का उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसे में इस प्रावधान को रद्द करने की याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट से मांग की है। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा है।
कर्मचारी का पक्ष सुने बगैर आदेश पारित करने पर एसीएस तलब
हरियाणा के एक अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा कर्मचारी का पक्ष सुने बगैर उसके खिलाफ आदेश पारित करने के मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि अगर अफसरशाही अपना काम ईमानदारी से करे तो कोर्ट पर केसों का दवाब कम होगा। टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने एसीएस को अगली सुनवाई पर कोर्ट में हाजिर रहने का आदेश भी दिया है।
फिरोजपुर झिरका निवासी हिम्मत खान ने याचिका में हाईकोर्ट को बताया कि वह हरियाणा राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक में क्लर्क के तौर पर कार्यरत था। दिसंबर 2010 में बैंक के पूर्व प्रबंधकों द्वारा किए गए घोटाले के आरोप में उनकी सेवाओं को समाप्त कर दिया था। इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने नौ के अतिरिक्त याची को बरी करते हुए कहा था कि उसे इस मामले में फंसाया गया है। इसके बावजूद याची को बैंक ने सेवा में बहाल नहीं किया।
इस मामले में याचिकाकर्ता को रजिस्ट्रार सहकारी समितियों ने बहाल करने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ अपील पर याचिकाकर्ता का पक्ष सुने बगैर उसके खिलाफ आदेश जारी कर दिया। हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि कैसे प्रभावित व्यक्ति का पक्ष सुने बगैर उसके खिलाफ आदेश जारी किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने संबंधित विभाग के एसीएस को अगली सुनवाई पर हाजिर रहने का आदेश दिया है।