शिरोमणि अकाली दल बादल ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में सजा काट रहे बलवंत सिंह राजोआना की रिहाई की मांग की है। शिरोमणि अकाली दल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर राजोआना को रिहा करने की मांग की है। इसके बाद पंजाब की सियासत में नया उबाल आ गया है।
आतंकी राजोआना की रिहाई की मांग करने पर लुधियाना से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू भड़क उठे। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल और उनकी पत्नी सांसद हरसिमरत कौर बादल को आड़े हाथ लिया है। उनका कहना है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के गृह मंत्री अमित शाह से मांग करेंगे कि दोनों के मंसूबों की जांच करें।
मां की मौत के बाद बलवंत सिंह राजोआना को एक दिन की पैरोल मिली थी। इस दौरान राजोआना ने शिरोमणि अकाली दल को वोट देने की अपील की थी। अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। पत्र में सुखबीर ने कहा कि 2019 में श्री गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर पीएम ने आठ सिख बंदियों को रिहा करने का वादा किया था। यह वह सिख कैदी थे, जो जेल में 20 साल से ज्यादा सजा काट चुके हैं। पीएम मोदी इस मामले में हस्तक्षेप कर राजोआना की रिहाई की प्रक्रिया को तेज करवाएं।
इस पर सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने एक ट्वीट किया कि सुखबीर बादल उस आतंकवादी की रिहाई की मांग कर रहे हैं, जिसने पंजाब के एक मुख्यमंत्री सहित 17 लोगों को बम से उड़ा दिया। सुखबीर बादल बताएं कि क्या मजबूरी है जो बार-बार आतंकवादी की रिहाई की मांग उठानी पड़ रही है। सांसद ने आगे लिखा कि अब तो ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सुखबीर बादल मेरे और मेरे परिवार का जानी नुकसान करना चाहते हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इनके मंसूबों की गंभीरता से जांच करवाने की मांग करूंगा।