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रणजीत हत्याकांड: बेटा जगसीर बोला- गोलियों से छलनी था पापा का चेहरा, आज भी पटाखों की आवाज से लगता है डर

Mon, 18 Oct 2021 06:29 PM IST
ajay kumar अवधेश शुक्ला, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)

सार

लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार रणजीत सिंह के परिवार ने इंसाफ की जंग जीत ली। पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने राम रहीम समेत पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले पर रणजीत सिंह के बेटे जगसीर ने प्रतिक्रिया दी है।
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जगसीर सिंह और राम रहीम (फाइल फोटो)
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विस्तार
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मेरे पापा का चेहरा गोलियों से छलनी कर दिया था। मुझे आज भी पटाखों की आवाज से डर लगता है। जिस वक्त पापा की हत्या हुई थी, मेरी उम्र मात्र सात साल की थी। लेकिन, जब मैं पापा को याद करता हूं तो सारी घटना सामने आ जाती है। यह कहना है रणजीत सिंह के 27 वर्षीय बेटे जगसीर सिंह का। पंचकूला सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह समेत पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाने के बाद जगसीर सिंह पहली बार मीडिया के सामने आए और उन्होंने अपना दर्द साझा किया। 

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जगसीर सिंह ने बताया कि पिता की हत्या बहुत भयानक थी, आज भी पटाखों की आवाज से फिर वही खौफनाक मंजर याद आता है, इसलिए वह 19 सालों से दीपावली नहीं मना रहे हैं। गोलियों की आवाज और पिता का छलनी चेहरा आज भी रोंगटे खड़े कर देता है। पिता की मौत पर सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुना दिया है इसलिए यह सब बता पा रहा हूं। 

मैं सात साल का था, कोचिंग से घर पहुंचा था। इस दौरान मां ने बताया कि तुम्हारे पापा खेत में काम कर रहे मजदूरों के लिए चाय लेकर गए हैं। इसके बाद खेल में मस्त हो गया। कुछ देर बाद पता चला कि गांव में किसी की गोली मारकर हत्या हो गई है। सूचना के बाद मां के साथ खेत की तरफ भागे। खेत के पास पहुंचा तो देखा कि भीड़ लगी थी। मां रो रही थी। साथ में दादा जोगिंदर सिंह भी थे। वह मां को ढांढस बंधा रहे थे। काफी देर बाद जब मैं भीड़ के अंदर दाखिल हुआ तो मंजर देखकर पैरों तले जमीन खिसक गई। 
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मां बोलीं...पापा नहीं, यह कोई और है

जगसीर सिंह ने बताया कि पापा का चेहरा गोलियों से छलनी पड़ा था। पहचान में नहीं आ रहे थे। मां ने मुझे गले से लगा लिया और घर की तरफ चलने लगी। मां से पूछा तो वह बोलीं कि नहीं बेटा यह कोई और है। मैं, सो गया। सुबह उठा तो देखा कि घर के बाहर भीड़ लगी है। सब रो रहे थे। मां भी रो रही थी। मैं, पास गया और पूछा क्या हुआ मां। मां ने मुझे गले से लगा लिया, बोली कि बेटा पापा चले गए और रोने लगीं। यह दृश्य आज भी मेरे जेहन में जिंदा है। इस दौरान जगसीर सिंह भावुक हो गए। कुछ देर तक उनके मुंह से आवाज नहीं निकली। 

दोषियों को मिली सजा, मेरे परिवार को न्याय 
रणजीत सिंह के बेटे जगसीर सिंह ने कहा कि सीबीआई ने दोषियों को सजा सुनवाई है। मुझे सालों पुराने खौफनाक मंजर से राहत मिली है। आज दादा जिंदा होते तो अच्छा होता। उनके बेटे की हत्या पर फैसला 19 साल बाद आया है लेकिन दादा जिंदा नहीं है। उनकी मौत 2016 में हो गई थी। जिन्होंने बेटे की हत्या के दोषियों को सजा दिलाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। जगसीर ने बताया कि सबूत जुटाने के लिए उन्हें कई बार दूसरे पक्ष से धमकियां भी मिलीं लेकिन उन्होंने सब को हरा दिया। 

घर जुटने लगी रिश्तेदारों की भीड़, सुरक्षा भी बढ़ी
पिता की मौत के जिम्मेदार लोगों को सीबीआई कोर्ट से सजा मिल गई है। रिश्तेदार और शुभचिंतक घर पहुंच रहे हैं। हालातों को देखते हुए जिला प्रशासन भी सक्रिय है। जगसीर ने बताया कि घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। घर के चारों ओर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि वकीलों द्वारा फांसी की सजा देने की मांग की गई लेकिन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। 
  • पांच बहनों के इकलौते भाई थे रणजीत सिंह
  • दो बहनों का इकलौता भाई है रणजीत सिंह का बेटा जगसीर सिंह
  • जगसीर सिंह के एक बहन की शादी 2003 में तो दूसरे की शादी 2013 में उसके दादा जोगिंदर सिंह ने कराई थी
  • जगसीर सिंह अपनी मां, दो बच्चे और अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। खेतीबाड़ी का काम करते हैं
  • राम रहीम जेल में है फिर भी जगसीर का परिवार डर के साये में जीने को मजबूर है
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