जगसीर सिंह ने बताया कि पापा का चेहरा गोलियों से छलनी पड़ा था। पहचान में नहीं आ रहे थे। मां ने मुझे गले से लगा लिया और घर की तरफ चलने लगी। मां से पूछा तो वह बोलीं कि नहीं बेटा यह कोई और है। मैं, सो गया। सुबह उठा तो देखा कि घर के बाहर भीड़ लगी है। सब रो रहे थे। मां भी रो रही थी। मैं, पास गया और पूछा क्या हुआ मां। मां ने मुझे गले से लगा लिया, बोली कि बेटा पापा चले गए और रोने लगीं। यह दृश्य आज भी मेरे जेहन में जिंदा है। इस दौरान जगसीर सिंह भावुक हो गए। कुछ देर तक उनके मुंह से आवाज नहीं निकली।
दोषियों को मिली सजा, मेरे परिवार को न्याय
रणजीत सिंह के बेटे जगसीर सिंह ने कहा कि सीबीआई ने दोषियों को सजा सुनवाई है। मुझे सालों पुराने खौफनाक मंजर से राहत मिली है। आज दादा जिंदा होते तो अच्छा होता। उनके बेटे की हत्या पर फैसला 19 साल बाद आया है लेकिन दादा जिंदा नहीं है। उनकी मौत 2016 में हो गई थी। जिन्होंने बेटे की हत्या के दोषियों को सजा दिलाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। जगसीर ने बताया कि सबूत जुटाने के लिए उन्हें कई बार दूसरे पक्ष से धमकियां भी मिलीं लेकिन उन्होंने सब को हरा दिया।
घर जुटने लगी रिश्तेदारों की भीड़, सुरक्षा भी बढ़ी
पिता की मौत के जिम्मेदार लोगों को सीबीआई कोर्ट से सजा मिल गई है। रिश्तेदार और शुभचिंतक घर पहुंच रहे हैं। हालातों को देखते हुए जिला प्रशासन भी सक्रिय है। जगसीर ने बताया कि घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। घर के चारों ओर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि वकीलों द्वारा फांसी की सजा देने की मांग की गई लेकिन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
- पांच बहनों के इकलौते भाई थे रणजीत सिंह
- दो बहनों का इकलौता भाई है रणजीत सिंह का बेटा जगसीर सिंह
- जगसीर सिंह के एक बहन की शादी 2003 में तो दूसरे की शादी 2013 में उसके दादा जोगिंदर सिंह ने कराई थी
- जगसीर सिंह अपनी मां, दो बच्चे और अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। खेतीबाड़ी का काम करते हैं
- राम रहीम जेल में है फिर भी जगसीर का परिवार डर के साये में जीने को मजबूर है