पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने मंगलवार को सिविल सचिवालय में अचानक अपने मंत्रियों के दफ्तरों का दौरा किया। काफी समय से सभी महकमों और अफसरों को समय पर दफ्तर पहुंचने की हिदायतें जारी कर रहे मुख्यमंत्री को अपने ही आठ मंत्री दफ्तरों में नहीं मिले।
इनके अलावा एक आईएएस अफसर भी अपने कार्यालय से गैरहाजिर थे। मुख्यमंत्री बादल ने मुख्य सचिव सर्वेश कौशल के साथ सुबह 9:05 बजे सचिवालय की तीसरी और छठी मंजिल पर कैबिनेट मंत्रियों व उच्चाधिकारियों के कार्यालयों का दौरा किया था।
तीन दिन आफिस में हाजिर रहने का दिया था निर्देश
मुख्यमंत्री बादल ने कुछ दिन पहले ही सभी मंत्रियों को मंगलवार, बुधवार और वीरवार को अपने कार्यालयों में उपस्थित रहने के निर्देश जारी किए थे, ताकि राज्य के दूरवर्ती क्षेत्रों से अपना कामकाज छोड़कर उनसे मिलने आने वाले लोगों को परेशानी न हो।
इसी तरह ही उन्होंने अधिकारियों/कर्मचारियों को भी सुबह 9 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक अपने कार्यालयों में उपस्थित रहने के लिए कहा है, ताकि आम लोगों को कोई भी मुश्किल न आए और उनका राज्य प्रशासन में भरोसा पैदा हो।
मुख्यमंत्री बादल की यह चेकिंग इतनी गुप्त थी कि मुख्य सचिव सर्वेश कौशल तक को इसकी सूचना नहीं थी। सुबह 9 बजे जब मुख्यमंत्री छठी मंजिल पर स्थित उनके कार्यालय पहुंचे तो वह फाइलें निपटा रहे थे। बादल ने वहां पहुंचते ही उनसे चेकिंग के लिए साथ चलने को कहा और मंजिल-दर-मंजिल कार्रवाई शुरू हो गई।
ये मंत्री रहे गायब
वित्तमंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा, फूड एंड सप्लाई मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों, सिंचाई मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों, हेल्थ मिनिस्टर सुरजीत कुमार ज्याणी, स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी, वन मंत्री चुनी लाल भगत, इंडस्ट्री मिनिस्टर मदन मोहन मित्तल, रेवेन्यू मिनिस्टर बिक्रम मजीठिया हाजिर नहीं थे। इसके अलावा प्रिंसिपल सेक्रेटरी जनरल एडमिनिस्ट्रेशन संजय कुमार भी नदारद थे।
सचिवालय में ये मंत्री थे मौजूद
कृषि मंत्री तोता सिंह, जेल मंत्री सोहन सिंह ठंडल, ट्रांसपोर्ट मंत्री अजीत सिंह कोहाड़, जन स्वास्थ्य मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा हाजिर थे।