मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी को अपने पैतृक गांव बादल (मुक्तसर) में 10 बिस्तर का नशा छुड़ाओ केंद्र खोलने की मंजूरी दी है।
मंगलवार को सरकार ने इस केंद्र के लिए विश्वविद्यालय को 30 लाख रुपये की ग्रांट की भी स्वीकृति दी है। इसके साथ ही बठिंडा में जारी 25 बिस्तर का नशा छुड़ाओ केंद्र भी बाबा फरीद विवि को सौंपने का फैसला लिया गया है।
बाबा फरीद मेडिकल विवि के मनोरोग विभाग के प्रमुख डॉ. सतीश थापर ने बताया कि बठिंडा शहर में पहले से ही 5 करोड़ की लागत से 50 बिस्तर का एक अति आधुनिक नशा छुड़ाओ केंद्र निर्माणाधीन है। यह केंद्र भी बाबा फरीद विवि की निगरानी में ही चलाया जाना है।
बठिंडा में सौंपे गए नशा छुड़ाओ केंद्र के लिए सरकार ने 1.90 करोड़ का वार्षिक अनुदान देना मंजूर किया है और पहली किस्त के रूप में 96.96 लाख जारी भी कर दिए हैं। बठिंडा के साथ ही जालंधर में भी बनाया जा रहा 50 बिस्तर का नशा छुड़ाओ केंद्र इस साल 31 दिसंबर से शुरू हो जाएगा।
मंगलवार को चंडीगढ़ में पंजाब राज्य कैंसर व ड्रग एडिक्शन ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने की। बैठक में पटियाला और बाबा फरीद यूनिवर्सिटी में नशा छुड़ाओ केंद्र बनाने का फैसला भी लिया गया।
बैठक में बताया गया कि इस समय राज्य में डी-एडिक्शन सेंटरों की क्षमता 600 बेड की है, जिसे और बढ़ाया जाएगा। सीएम ने सेहत अधिकारियों से कहा कि सरकारी अस्पतालों में लगातार खाली रहने वाले बेड की पहचान करें, ताकि उन्हें नशा छुड़ाओ केंद्र के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
जेलों में दवाएं मुहैया कराने को नीति बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री बादल ने अमृतसर, गुरदासपुर, कपूरथला, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, फरीदकोट व फिरोजपुर की जेलों में चल रहे डीडीसी में दवाइयां मुहैया करने के लिए सेहत विभाग को नीति तैयार करने को कहा है। फिलहाल दवाएं जेल अथॉरिटी द्वारा खरीद कर पीड़ितों को मुहैया कराई जा रही हैं।