चंडीगढ़। सेक्टर-37 स्थित करोड़ों की कोठी हड़पने के मामले में मंगलवार को जिला अदालत में तीसरे गवाह विशाल के बयान हुए। विशाल ने अदालत को बताया कि जून 2017 में संजीव महाजन, दलप्रीत उर्फ रूबल, शेखर और तरसेम, राहुल मेहता को मेरे फार्म हाउस पर लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि राहुल के घर में कोई नहीं है, इसलिए कुछ दिन इसका ख्याल रखना है। लगभग एक सप्ताह तक राहुल नयागांव स्थित उसके फार्म हाउस में रहा, जिसके बाद संजीव महाजन और उसके साथी उसे अपने साथ लेकर चले गए।
विशाल ने अदालत को बताया कि जब राहुल को उसके यहां लाया गया था तो वह मंदबुद्धि लग रहा था और नशे में भी था। मंगलवार की सुनवाई में गवाह अमित गुप्ता का क्रॉस एग्जामिनेशन भी पूरा हो गया। इस मामले में अब तक मेडिकल स्टोर संचालक अमित गुप्ता और तरुण उर्फ तरसेम के बयान हो चुके हैं। दोनों ने ही संजीव महाजन व उसके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की अगली सुनवाई 22 फरवरी को होगी।
मंगलवार को संजीव महाजन के वकील राजेश शर्मा ने गवाह अमित गुप्ता से क्रास एग्जामिनेशन किया। बचाव पक्ष के वकील के अनुसार अमित गुप्ता ने माना है कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस उनकी पत्नी के नाम पर है। किसी को प्राथमिक उपचार देने के लिए वह योग्य नहीं हैं। अदालत में क्रास एग्जामिनेशन के दौरान अमित गुप्ता दुकान से ड्रग्स लाइसेंस चोरी हो जाने वाली बात को भी साबित नहीं कर सके।
राहुल को खोजने आया था तरसेम
बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि अपने बयान में विशाल ने कहा कि जनवरी 2021 में तरसेम मेरे पास आया और बोला कि राहुल के परिजन उसे खोज रहे हैं। वह कहीं मिल नहीं रहा है। उसके बाद विशाल ने भुज (गुजरात) में अपने एक जानकर को इस संबंध में फ़ोन किया। दूसरे दिन उस व्यक्ति ने राहुल का फोटो और कुछ दस्तावेज विशाल को भेजे जो विशाल ने बाद में तरसेम को दे दिए।