कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने बरनाला में कांग्रेस के उम्मीदवार मुनीष बंसल के पक्ष में रैली की और कहा कि जब वह 2013 में पंजाब आए तो कहा कि पंजाब को ड्रग्स से खतरा है। अकाली-भाजपा और आप के नेताओं ने मेरा मजाक उड़ाया और कहने लगे कि राहुल लोगों को डरा रहे हैं। इसके विपरीत अरविंद केजरीवाल ने बिक्रम सिंह मजीठिया से हाथ जोड़कर माफी मांगी जबकि उन्होंने तो माफी नही मांगी।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आप को किसान हितैषी होने का ढिंढोरा पीटते हैं। अगर मोदी किसानों के हितैषी हैं तो किसान डेढ़ साल दिल्ली की सीमाओं पर क्यों रोते रहे और 750 किसान शहीद भी हो गए। मोदी ने खेती विरोधी बिल क्यों पास किया। उन्होंने कहा कि दरअसल, मोदी किसानों की आमदनी छीनकर पूंजीपतियों को देना चाहते थे।
शीला दीक्षित ने खोले थे मोहल्ला क्लीनिक
राहुल गांधी ने कहा कि मैंने इनको फिर चेताया कि देश में कोरोना का खतरा है फिर भी विरोधी दल मजाक उड़ाने लगे लेकिन जब कोरोना आया तो कितना नुकसान हुआ, यह सबको पता है। राहुल ने कहा कि जब दिल्ली की सड़कों पर कोरोना के मरीज थे तो उन्हें ऑक्सीजन और बेड नहीं मिल रहे थे, तब केजरीवाल के मोहल्ला क्लीनिक कहां थे, उन्होंने कहा कि केजरीवाल दिल्ली में सेहत सुविधा देने में बुरी तरह विफल रहे।उन्होंने कहा जिन मोहल्ला क्लीनिक की केजरीवाल बात करते हैं, उन्हें सबसे पहले शीला दीक्षित सरकार ने खोले थे।
नोटबंदी पर भी सरकार को चेताया था
राहुल गांधी ने कहा कि मैंने नोटबंदी पर भी सरकार को चेताया था। मगर मेरी बात नहीं मानी, जबकि नोटबंदी से छोटे व्यापारियों, किसानों, मजदूरों, मुलाजिमों व मध्यवर्गीय लोगों को भारी नुकसान हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी भी पूंजीपतियों के फायदा पहुंचाने के लिए की गई थी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल तो अपने वादे पूरे नहीं कर सके लेकिन उनकी सरकार बनने पर रेत माफिया और ड्रग माफिया को खत्म कर दिया जाएगा।
राहुल गांधी ने कहा कि मैंने कैप्टन अमरिंदर सिंह को बुलाकर कहा था कि बिजली के रेट कम करके दिखाओ लेकिन उन्होंने कहा कि बाहरी कंपनियों से समझौता किया है, यही वजह है बिजली के रेट कम नहीं कर सकते हैं। इसके बाद सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से कहा तो उन्होंने बिजली के रेट को कम कर गरीबों के बकाया बिजली के बिल माफ भी किए। रेत का रेट, डीजल-पेट्रोल के दाम भी कम किए। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस का कोई भी नेता आप को किसी आतंकी के घर नहीं मिलेगा, जबकि आप के नेता आप को आतंकियों के घर मिल सकते हैं।