पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित द्वारा गत 19 और 20 जून को राज्य सरकार द्वारा बुलाए गए पंजाब विधानसभा के दो दिवसीय सत्र की वैधता को गलत ठहराने पर सवाल उठने लगे हैं।
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नया नहीं था दो दिवसीय सत्र
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील हेमंत कुमार ने इस मामले में कहा कि बेशक 19 और 20 जून 2023 को उपरोक्त दो दिवसीय विधानसभा सत्र बुलाने से पहले, भारत के संविधान के अनुच्छेद 174 (1) के तहत आवश्यक पंजाब के राज्यपाल के हस्ताक्षर और मुहर के तहत कोई समन आदेश जारी नहीं किया गया था, लेकिन तथ्य यह है कि इसकी आवश्यकता नहीं थी क्योंकि वह दो दिवसीय सत्र कोई नया सत्र नहीं था, बल्कि वास्तव में राज्य विधानसभा के बजट सत्र की निरंतरता थी, जिसे राज्यपाल द्वारा उपरोक्त अनुच्छेद 174(1) के तहत 3 मार्च 2023 से विधिवत बुलाया गया था।