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पंजाब : जाने-माने पंजाबी कवि प्रोफेसर कुलवंत सिंह ग्रेवाल का निधन, कैप्टन ने ट्वीट कर जताया शोक

Thu, 01 Apr 2021 05:13 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
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प्रोफेसर कुलवंत सिंह ग्रेवाल। - फोटो : फाइल
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जाने-माने पंजाबी कवि और पंजाबी साहित्य सभा के सरपरस्त प्रोफेसर कुलवंत सिंह ग्रेवाल का 80 साल की उम्र में गुरुवार तड़के निधन हो गया। पंजाबी यूनिवर्सिटी के पंजाबी विकास विभाग से बतौर प्रमुख सेवामुक्त हुए प्रोफेसर ग्रेवाल के निधन की खबर से साहित्य जगत में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर निधन पर शोक जताया।

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पंजाबी साहित्य सभा के प्रधान डॉ. दर्शन सिंह आशट ने कहा कि प्रोफेसर ग्रेवाल के निधन से पंजाबी भाषा का काव्य आंगन सूना हो गया है। प्रोफेसर ग्रेवाल को लोग मंच से सुनना बेहद पसंद करते थे। उन्होंने बताया कि संगरूर के गांव सकरौदी सिंघां में एक जुलाई 1941 को जन्मे प्रोफेसर ग्रेवाल ने विभिन्न संस्थानों में काम किया। इसके बाद उन्होंने 1969 में पंजाबी यूनिवर्सिटी में बतौर प्रवक्ता ज्वाइन किया था। 
वह 1978 से लेकर 1985 तक पंजाबी साहित्य सभा पटियाला के प्रधान भी रहे।। उन्होंने पंजाबी काव्य जगत को दो काव्य संग्रह 'तेरा अंबरां ते ना लिखया' और 'असीं पुत दरियावां दे' दिए। ये दोनों काव्य संग्रह काफी चर्चित हैं। उनको 14वां राजिंदर कौर वंता साहित्यिक पुरस्कार के अलावा भाषा विभाग पंजाब की ओर से शिरोमणि कवि पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। 
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प्रोफेसर ग्रेवाल का अंतिम संस्कार पटियाला में दोपहर को घलौड़ी गेट श्मशानघाट में किया गया। एसजीपीसी के पूर्व प्रधान किरपाल सिंह बडूंगर के अलावा साहित्य जगत से कई हस्तियां डॉ. गुरवचन सिंह राही, कवि कुलवंत सिंह, कहानीकार बाबू सिंह रैहल, प्रोफेसर हुक्म चंद राजपाल, प्रोफेसर महेश गौतम ने उन्हें श्रद्धांजलि भेंट की। 

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया- प्रो. कुलवंत सिंह ग्रेवाल जी के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। वह एक प्रसिद्ध पंजाबी और हिंदी कवि थे और आठ पुस्तकें भी लिखीं। उन्होंने पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला के निदेशक और प्रोफेसर के रूप में भी काम किया। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं।

शख्शियतों के निधन पर बाजवा ने जताया दुख
उच्च शिक्षा मंत्री तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा ने पंजाब के प्रसिद्ध शिक्षा शास्त्रियों, लेखकों और कला क्षेत्र की चार मशहूर शख्शियतों प्रो. कुलवंत ग्रेवाल, प्रिंसिपल तरसेम बाहीआ, डॉ. इंद्रजीत सिंह और तारन कौर गुजराल के निधन पर गहरा दुख जताया है। बाजवा ने कहा कि दिवंगत शख्शियतों के परिवारों के साथ हमदर्दी जाहिर करते हुए परमात्मा के आगे अरदास की है कि परिवार को ईश्वरीय आदेश मानने का हौसला प्रदान करे और दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान प्रदान करे।

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