पीयू में लाइब्रेरी खुलवाने के लिए प्रदर्शन करते विद्यार्थी।
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी के एसी जोशी पुस्तकालय के बंद होने पर पीयू और यूटी प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। एक तरफ पीयू का कहना है कि यूटी प्रशासन के आदेश के बाद पुस्तकालय बंद किया गया, वहीं चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि पुस्तकालय को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं। पीयू एक स्वायत्त संस्था है, वह अपने निर्णय खुद लेती है। इसमें प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है।
पीयू एसी जोशी पुस्तकालय के बाहर विद्यार्थी पिछले आठ दिनों से उसे खुलवाने के लिए दिन-रात धरने पर बैठे हैं। पीयू प्रशासन विद्यार्थियों को कह रहा है कि चंडीगढ़ प्रशासन के निर्देशों के अनुसार लाइब्रेरी बंद की है। उधर, पीयू के अधिकारियों ने वीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से बैठक कर धैर्य रखने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन के निर्णय के बाद एक अप्रैल को वे बैठक कर पुस्तकालय खोलने के लिए फैसला लेंगे। विद्यार्थियों ने प्रशासनिक अधिकारियों की बात मानी और प्रदर्शन खत्म कर वापस एसी जोशी पुस्तकालय के बाहर आकर धरने पर बैठ गए। विद्यार्थी यहां अपनी किताबें लेकर आ गए हैं। वे यहीं पढ़ाई करते हैं और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हैं। विद्यार्थियों ने बुधवार को लेबर कानून को लेकर वार्ता आयोजित की। विद्यार्थियों का कहना है कि वे पुस्तकालय खुलने के बाद ही धरने से उठेंगे।
लाइब्रेरी को लेकर कोई निर्देश नहीं दिए
हमारी तरफ से पंजाब यूनिवर्सिटी के पुस्तकालय को बंद करने के कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। हमने स्कूलों और कॉलेज के विद्यार्थियों को लेकर निर्देश जारी किए थे, उसमें भी पुस्तकालय का जिक्र नहीं था। पीयू स्वायत्त संस्था है, वह अपने निर्णय खुद लेती है। - रुबिंदरजीत सिंह बराड़, शिक्षा निदेशक, यूटी प्रशासन