पंजाब में 12134 मेगावाट रही बिजली की मांग
पंजाब के माझा और दोआबा क्षेत्रों में मंगलवार से धान की बिजाई का सीजन शुरू होते ही बिजली की मांग का रिकॉर्ड टूट गया है। मंगलवार को 12134 मेगावाट मांग दर्ज की गई, हालांकि विभिन्न प्लांटों की बंद पड़ीं तीन यूनिट दोबारा चालू होने से कुछ राहत रही। विशेषज्ञों के मुताबिक 17 जून से जब पंजाब के मालवा क्षेत्र में भी धान की बिजाई शुरू होगी, उस समय प्रदेश में बिजली का संकट खड़ा हो सकता है। अनुमान के मुताबिक 17 जून से पंजाब में बिजली की मांग 15,900 मेगावाट तक पहुंच सकती है। पावरकॉम के पास केवल 15,100 मेगावाट तक बिजली सप्लाई के ही प्रबंध हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को बिजली कट का सामना करना पड़ सकता है।
यूनिट बंद होने से ठप हो गई थी आपूर्ति
सोमवार को रोपड़ की 210-210 मेगावाट की दो, लहरा मुहब्बत की भी 210-210 मेगावाट की दो, तलवंडी साबो की 660 मेगावाट और गोइंदवाल की 270 मेगावाट की एक यूनिट बंद होने से 1770 मेगावाट बिजली आपूर्ति ठप पड़ गई थी। इसके चलते पावरकॉम के हाथ-पांव फूल गए थे, क्योंकि मंगलवार से माझा व दोआबा क्षेत्रों में धान की बिजाई शुरू हो गई है। काफी प्रयासों के बाद मंगलवार को रोपड़, लहरा और गोइंदवाल की एक-एक यूनिट चालू हो गई।
पावरकॉम ने बाहर से ली आठ हजार मेगावाट बिजली
मंगलवार को रही 12,134 मेगावाट की मांग को पूरा करने के लिए पावरकॉम को अपने थर्मलों से 1017 मेगावाट, निजी से 2136 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों समेत अन्य स्रोतों से कुल 4000 मेगावाट बिजली उपलब्ध हुई। इसके अलावा बाहर से आठ हजार मेगावाट से अधिक बिजली ली। इसमें बैंकिंग सिस्टम के अलावा शार्ट टर्म खरीद समझौते व सेंटर पूल से मिलने वाली बिजली शामिल है।
47962 में से 41745 शिकायतों का निपटारा
पावरकॉम को मंगलवार को 47962 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 41745 का खबर लिखे जाने तक निपटारा हो गया था। मंगलवार को भी 13 फीडर दो घंटे के लिए, चार फीडर दो से चार घंटे के लिए, तीन फीडर चार से छह घंटे के लिए और दो फीडर छह घंटे से ज्यादा समय के लिए डाउन रहने से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।