विजिलेंस बोली- रिश्वत की इतनी बड़ी रकम के स्रोत की जांच करनी है
जानकारी के मुताबिक विजिलेंस टीम के वकील ने अदालत को बताया कि पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा पर आरोप है कि करोड़ों के हुए घोटाले में अहम भूमिका अदा की और घोटाले से प्राप्त हुई करोड़ों रुपये की रकम को ट्राइसिटी के अलग-अलग प्रोजेक्टों में निवेश करके काले धन को सफेद करने की कोशिश की।
वहीं यह भी कहा कि शनिवार रात जीकरपुर के कॉस्मो प्लाजा की पार्किंग से गिरफ्तार पूर्व मंत्री अरोड़ा की गाड़ी से ट्राइसिटी के अलग-अलग प्रोजेक्ट के कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि पूर्व मंत्री अरोड़ा ने घोटाले से प्राप्त काले धन को सफेद करने की कोशिश की, जो जांच का विषय है।
एक करोड़ रिश्वत का एआईजी को दिया था ऑफर
एआईजी मनमोहन सिंह पूर्व मंत्री अरोड़ा के एक करोड़ रुपये की रिश्वत के ऑफर को लेकर जवाब नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने अपने अधिकारियों को बताया। जब अगले दिन शनिवार को लाखों रुपये की रकम रिश्वत देने सुंदर श्याम अरोड़ा आए तो विजिलेंस के ट्रेप के मुताबिक उन्हें जीरकपुर स्थित कॉस्मो प्लाजा की पार्किंग से गिरफ्तार करवाया। गिरफ्तारी के दौरान पूर्व मंत्री अरोड़ा की गाड़ी से ट्राइसिटी के करीब 40 प्रोजेक्ट के दस्तावेज भी मिले हैं।
सीनियर सिटीजन से 16 घंटों तक पूछताछ कर ली, अब रिमांड क्यों? : बचाव पक्ष
दूसरी ओर, विजिलेंस विभाग की दलीलों का एक के बाद एक जवाब दिया गया और कहा कि पूर्व मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा एक वरिष्ठ नागरिक होने के साथ ही पूर्व मंत्री भी है। उनसे 50 लाख रुपये जो विजिलेंस टीम ने बरामद किए हैं, उसे लेकर 16 घंटे से ज्यादा पूछताछ कर चुकी है। इतनी पूछताछ के बाद विजिलेंस को रिमांड की क्या जरूरत? इसके जवाब में विजिलेंस ने कहा कि रविवार को बैंक बंद होते हैं और सोमवार को उनके बैंक खाते व लॉकर्स की जांच की जाएगी। अरोड़ा के वकील ने यह भी कहा कि विजिलेंस उन्हें पकड़ने के बाद उनके होशियारपुर स्थित घर भी गई थी। वहां जांच के दौरान पुलिस को एक नोट गिनने की मशीन और पासपोर्ट के अलावा कुछ नहीं मिला इसलिए रिमांड नहीं बढ़ाना चाहिए।