पंजाब यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल में सीआईआई का सेशन
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पंजाब यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल और सीआईआई के सीईओ सेशन में स्टूडेंट्स को सफलता के मूलमंत्र दिए गए। लोग किसी काम को करने में खुद को जितना सक्षम समझते हैं, उससे ज्यादा काम करने में सक्षम बनाना और निर्धारित लक्ष्य से अधिक प्राप्त करने में उनकी मदद करना ही लीडर का दायित्व होता है। सीखने वालों के लिए यह सबसे ज्यादा जरूरी है कि पहले अपने लिए मौजूदा संभावनाओं के प्रति जागरूक रहें। आज का समय शुरुआत करने के लिए सबसे अच्छा है और हमें इस संभावना को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए।
यह विचार एडिफेक्स के संस्थापक गुरप्रीत सिंह ने यूबीएस ऑडिटोरियम में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल की ओर से आयोजित सीईओ सत्र में व्यक्त किए। इस मौके पर गुरप्रीत ने उभरते हुए उद्यमियों के साथ अनुभव साझे किए और उन्हें सफलता के मंत्र दिए। आईआईटी दिल्ली से स्नातक सिंह ने मोंटाना स्टेट यूनिवर्सिटी से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग के साथ ही कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री की है।
एक्सपेडिटर्स इंटरनेशनल व माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के साथ काम करने के बाद उन्होंने एडिफेक्स की स्थापना की। इस कंपनी का लक्ष्य उद्योगों में आने वाले डाटा मैनेजमेंट से जुड़ी समस्याओं का समाधान मुहैया करना था। उन्होंने छात्रों को उद्यमिता की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं सीआईआई चंडीगढ़ काउंसिल के पूर्व चेयरमैन मनमोहन कोहली ने कहा कि युवाओं को वर्तमान में जीना सीखना चाहिए। ऐसा करने से वे अपने आसपास मौजूद संभावनाओं को सफलता में बदल सकते हैं।
यूबीएस के चेयरमैन प्रोफेसर सुरेश के चंद्र ने कहा कि आज समय की मांग को देखते हुए एकेडमिक और इंडस्ट्रियल क्षेत्र को साथ आकर काम करने की जरूरत है। ताकि स्टार्टअप इंडिया की पहल में योगदान दिया जा सके। साथ ही हमारा ध्येय उद्यमिता का विकास होना चाहिए न कि नौकरियों के लिए लोगों को तैयार करना।
बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया आसान करने का स्वागत
सीआईआई ने हिमाचल सरकार द्वारा बिजली के कनेक्शन के लिए आवेदन की प्रक्रिया और कनेक्शन दिए जाने के प्रोसस को सरल करने का स्वागत किया है। सीआईआई ने कहा कि सरकार के इस कदम से प्रदेश में व्यापार के अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है। सीआईआई के हिमाचल प्रदेश स्टेट काउंसिल के चेयरमैन संजय खुराना ने कहा कि हिमाचल में बिजली के कनेक्शन के अलावा हलफनामा प्रक्रिया को बदल कर स्वयं सत्यापन जैसी कई ऐसी व्यवस्थाएं हैं जो नए उद्योगों को स्थापित होने के लिए अनुकूल माहौल देती हैं।