पंजाब सरकार लाल डोरे में रहने वाले लोगों को घर का मलिकाना हक देगी। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। इस बीच नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थन में इस्तीफा देने वालीं मंत्री रजिया सुल्ताना ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। राज्य के थर्मल प्लांटों में कोयले की कमी बरकरार है। पावरकॉम ने लोगों से कम बिजली जलाने की अपील की है। पढ़ें पंजाब की पांच बड़ी खबरें।
पंजाब में बिजली संकट जारी
पंजाब में अभी बिजली संकट से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। सूबे के थर्मल प्लांटों के लिए पूर्वोत्तर के राज्यों से कोयला आने में पांच दिन लगेंगे। पावरकॉम ने भी थर्मल प्लांटों में कोयले के कम होते भंडारण के बाद पंजाब के लोगों से सहयोग और बिजली के कम उपयोग करने की अपील की है।
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सीएम चन्नी के बेटे की शादी में नहीं पहुंचे सिद्धू
पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर खटपट दिखने लगी है। नवजोत सिंह सिद्धू लगातार मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से दूरियां बना रहे हैं। रविवार को मोहाली में मुख्यमंत्री के बेटे की शादी से भी नवजोत सिंह सिद्धू नदारद रहे। वे सीधे लखनऊ से विमान द्वारा वैष्णो देवी रवाना हो गए।
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लाल डोरा के निवासियों को मिलेगा मलिकाना हक
चुनाव के मद्देनजर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को लाल डोरा में रहने वाले लोगों को घर का मालिकाना हक देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। मेरा घर मेरे नाम योजना का लाभ गांव के साथ ही शहर में रहने वाले लोगों को भी मिलेगा।
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रजिया सुल्ताना ने अपना इस्तीफा लिया वापस
पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना ने सोमवार को अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद से नवजोत सिंह के इस्तीफे के समर्थन में रजिया सुल्ताना ने अपना मंत्री पद छोड़ दिया था। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में पंजाब भवन में हुई कैबिनेट की बैठक में रजिया सुल्ताना ने प्रतिभाग कर इस्तीफा वापस लेने पर मुहर लगा दी है।
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शिलांग में पंजाबी लेन से सिखों को हटाने पर पंजाब सरकार ने जताया एतराज
मेघालय की राजधानी शिलांग में सिख लेन से सिखों को हटाए जाने के मेघालय सरकार के फैसले से पंजाब सरकार नाराज है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि केंद्र और मेघालय सरकार को पत्र लिखकर राज्य सरकार फैसले का विरोध करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मेघालय सरकार भू-माफियाओं के दबाव में सिखों को विस्थापित कर रही है।
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