पंजाब के पूर्व मंत्री राणा गुरमीत सोढी के बाद बुधवार को दो मौजूदा विधायकों के पार्टी छोड़कर भाजपा में चले जाने से पंजाब कांग्रेस में खलबली मच गई है। पार्टी में और टूट-फूट रोकने के लिए गुरुवार को नई दिल्ली में पंजाब स्क्रीनिंग कमेटी ने विधानसभा चुनाव के लिए राज्य के संभावित प्रत्याशियों की सूची हाईकमान को सौंप दी। बैठक में साफ कर दिया गया है कि एक परिवार के एक सदस्य को ही टिकट दिया जाएगा।
एक जमा एक के फार्मूूले से दिए गए नाम
पंजाब स्क्रीनिंग कमेटी की तीन घंटे तक चली बैठक में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू, पार्टी मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी, अजय माकन और सुनील जाखड़ ने भी हिस्सा लिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पंजाब कांग्रेस की तरफ से 2017 में जीती गई सभी सीटों के लिए एक जमा एक के फार्मूले से संभावित प्रत्याशियों के नाम दिए गए हैं। वहीं आम आदमी पार्टी से टूट कर कांग्रेस में आए 4 विधायकों के हलकों के लिए एक-एक नाम की सूची सौंपी गई है। एक जमा एक फार्मूले के तहत मौजूदा कांग्रेसी विधायक और एक अन्य प्रत्याशी का नाम हाईकमान के सामने रखा गया है। अब हाईकमान इस सूची पर फैसला लेकर जल्द पंजाब के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करेगा।
बैठक में उम्मीदवारों के चयन के फार्मूले पर सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। जल्द ही दूसरी बैठक बुलाई जाएगी। वर्तमान विधायकों को पार्टी फिर से मौका देने जा रही है, हालांकि वर्तमान विधायकों वाली कुछ सीटों पर भी पांच से आठ दावेदार हैं। कुछ सीटों पर 20-20 दावेदार हैं जिसमें में तीन से पांच नाम छांटने हैं।
कैप्टन के जाने से नुकसान पर भी चर्चा
सूत्रों के अनुसार बैठक में कैप्टन अमरिंदर सिंह के जाने से हुए नुकसान पर भी चर्चा हुई। खासकर नगर निगम के नतीजों और दो विधायकों के भाजपा में जाने पर नेता सतर्क दिख रहे हैं और टिकट बंटवारे में पूरी सावधानी रखना चाहते हैं।